नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म का मामला!

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पीड़िता और उसकी माता का आरोप- वास्तविक रिपोर्ट लिखने मे पुलिस कर रही आनाकानी,
दबाव डालकर पीड़िता से लिया आवेदन,
उससे पुलिस ने कहा- हम जो कहें वही लिखो आवेदन पत्र मे,
धारा 354 का मामूली दर्ज कर पुलिस ने किया मामले को रफादफा

इछावर,  एमपी मीडिया पाइंट

इछावर थानांतर्गत ग्राम समापुरा मे 14 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता और उसकी मां ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह आरोपी से सांठगांठ कर मामले को हल्के-फुल्के ढंग से ले रही जबकि आरोपी डरा-धमकाकर पिछले 5 वर्षों  से गलत काम कर रहा है।पुलिस दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं कर रही। दूसरी तरफ एसआई जिनास्तिका ध्रुवे ने पीड़िता द्वारा पुलिस पर लगाए आरोपों को एक सिरे से नकारा है।


दरअसल ग्राम समापुरा निवासी शाहरुख़ खां एक विवाहित व्यक्ति है जो पिछले कुछ समय से नाबालिग लड़की को लेकर चर्चा मे है। पीड़ित लड़की अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची तो पहले तो उसकी सुनवाई नहीं हुई , फिर बाद मे इछावर थाने मे पदस्थ एसआई जिनास्तिका ध्रुवे ने दबाव डाला कि जो मै कहूं वही लिख, लेकिन पीड़िता ने मना कर दिया फिर भी पुलिस एसआई ने दबाव डालकर अपनी मर्जी से आवेदन लिखवाया और उस आवेदन के आधार पर हल्का-फुल्का केस बनाकर आरोपी को संरक्षण प्रदान कर दिया!! पीड़िता और उसकी मां ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी विवाहित है और गांव के रसूकदार परिवार से है इसी वजह से हमे न्याय नहीं मिल रहा और हमे थाने के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस मेडिकल भी नहीं करा रही और न ही दुष्कर्म का मामला दर्ज कर रही। हमे आरोपियों से खतरा भी बना हुआ है । वह कहते हैं कि हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती पुलिस,, हम थाने को चुटकी मे खरीद सकते हैं। पीड़िता का आरोप है कि पुलिसवाले आरोपी से मिले हुए हैं। हम चाहते हैं कि पुलिस वास्तविक रिपोर्ट दर्ज  करे। और पीड़िता का  मेडिकल हो। और हमे रसूकदारों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाए।


एसआई ध्रुवे का कहना है कि पीड़िता का पुलिस पर लगायाआरोप गलत है। उसने अपने हैंड राइटिंग से ही लिखकर आवेदन दिया। जैसा बताया उसी आधार पर केस दर्ज किया। दुष्कर्म का तो आज बता रही, कल नहीं बताया था।

(नाबालिग की बाइट मीडिया के पास सुरक्षित है जो उसने थाना प्रांगण इछावर मे हमे दी है।)

यह है धारा 354 का मतलब --------------------------------

भारतीय दंड संहिता के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है. जिसके तहत आरोपी पर दोष सिद्ध हो जाने पर दो साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है।
बतादें कि नाबालिग के साथ मात्र छेड़छाड़ का मुकदमा कायम किया गया जबकि उसका कहना है कि धारा 376 के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज होना चाहिए।

यह है धारा 376 का मतलब

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यदि महिला की उम्र 16 वर्ष से कम है तो उसकी सहमति या बिना सहमति से होने वाला संभोग भी बलात्कार के अपराध में ही गिना जाता है। इस अपराध को अलग-अलग हालात और श्रेणी के हिसाब से भारतीय दंड संहिता में इसे धारा 376, 376 (क), 376 (ख), 376 (ग), 376 (घ) के रूप में विभाजित किया गया है।

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