बैलपारदी और पारधी में उलझा शासन का सॉफ्टवेयर
परेशान है झिलैला मूंदीखेड़ी के नौ सौ पारधी परिवार
नहीं बनाए जा रहे है जाति प्रमाण पत्र
सीहेार, एमपी मीडिया पाइंट
लोकसेवा केंद्र के सॉफ्टवेयर की खराबी का खामियाजा ग्राम झिलैला और मूंदीखेड़ी के 900 से अधिक पारधी जाति के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। जाति प्रमाण पत्र के लिए जब लोकसेवा केंद में सॉफ्टवेयर 42 पर सिलेक्ट करते है तो एरर मैसेज बताता है की पारधी जाति आपके जिले और तहसील में नहीं है जबकी भोपाल सीहेार रायसेन जिले की सूची मेें बैलपारदी जाति दर्ज है। जावर लोकसेवा केंद में सॉफ्टवेयरइस की तकनीकी खराबी के कारण पारधी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे है। जाति प्रमाण पत्र नहीं होने से पारधी जाति के परिवार शासकीय योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित है।
पारधी समाज सुधार समिति अध्यक्ष दिनेश चौहान ने बताया की पूर्वज बैल पर बैठकर पशु पक्षियों का शिकार और व्यापार गांव गांव जाकर किया करते थे जिस कारण पारधी को बैलपारदी कहा गया लेकिन मूल रूप से जाति पारधी हीं है। पारधी को अनुसुचित जाति वर्ग में रखा गया है। प्रशासन से सॉफ्टवेयर में सुधार कर जाति प्रमाण पत्र लोक सेवा केंद्र से जारी कराने की मांग की गई है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर अपर कलेक्टर बीके चतुर्वेदी को ज्ञापन भी दिया है। ग्राम मूंदीखेड़ी में सीसी सड़क निर्माण की मांग भी की गई है। पारदी समाज उथान को लेकर आगामी 20 अप्रेल को जावर जोड़ डोडी में कार्यक्रम रखा गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे दिनेश पारधी, दिलराज, जगदीश, अम्बारामजी, मिश्ररीलाल, विनोद पारधी, पारधी, राजू सिंह, मनोज सिंह आदि ने प्रशासन से समस्याओं के निराकरण की मांग की।
परेशान है झिलैला मूंदीखेड़ी के नौ सौ पारधी परिवार
नहीं बनाए जा रहे है जाति प्रमाण पत्र
सीहेार, एमपी मीडिया पाइंट
लोकसेवा केंद्र के सॉफ्टवेयर की खराबी का खामियाजा ग्राम झिलैला और मूंदीखेड़ी के 900 से अधिक पारधी जाति के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। जाति प्रमाण पत्र के लिए जब लोकसेवा केंद में सॉफ्टवेयर 42 पर सिलेक्ट करते है तो एरर मैसेज बताता है की पारधी जाति आपके जिले और तहसील में नहीं है जबकी भोपाल सीहेार रायसेन जिले की सूची मेें बैलपारदी जाति दर्ज है। जावर लोकसेवा केंद में सॉफ्टवेयरइस की तकनीकी खराबी के कारण पारधी जाति के लोगों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे है। जाति प्रमाण पत्र नहीं होने से पारधी जाति के परिवार शासकीय योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित है।
पारधी समाज सुधार समिति अध्यक्ष दिनेश चौहान ने बताया की पूर्वज बैल पर बैठकर पशु पक्षियों का शिकार और व्यापार गांव गांव जाकर किया करते थे जिस कारण पारधी को बैलपारदी कहा गया लेकिन मूल रूप से जाति पारधी हीं है। पारधी को अनुसुचित जाति वर्ग में रखा गया है। प्रशासन से सॉफ्टवेयर में सुधार कर जाति प्रमाण पत्र लोक सेवा केंद्र से जारी कराने की मांग की गई है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर अपर कलेक्टर बीके चतुर्वेदी को ज्ञापन भी दिया है। ग्राम मूंदीखेड़ी में सीसी सड़क निर्माण की मांग भी की गई है। पारदी समाज उथान को लेकर आगामी 20 अप्रेल को जावर जोड़ डोडी में कार्यक्रम रखा गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे दिनेश पारधी, दिलराज, जगदीश, अम्बारामजी, मिश्ररीलाल, विनोद पारधी, पारधी, राजू सिंह, मनोज सिंह आदि ने प्रशासन से समस्याओं के निराकरण की मांग की।


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