पूर्व मंत्री,विधायक करणसिंह वर्मा के ग्रह ग्राम जमोनिया हटेसिंह मे हुआ भ्रष्टाचार . . . .
आंगनबाड़ी केंद्र मे कार्य हुआ पांच हजार रुपयों का, खाते से निकाल लिए 30 हजार,
इस घटिया निर्माण का कोई तो होगा जवाबदार!!
इछावर/भाऊँखेड़ी,
राजेश शर्मा/राजेश बनासिया
पूर्व राजस्व मंत्री,इछावर विधायक करणसिंह वर्मा के ग्रहग्राम जमोनिया हटेसिंह के आंगनबाड़ी केंद्र मे निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आया है शासन द्वारा ओटला निर्माण एवं वाल पेंटिंग के लिए जो राशि आवंटित की गई थी उसका सही तरीके से उपयोग नहीं हुआ और 30 हजार रुपये भी खर्च हो गए सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस घटिया निर्माण की जवाबदारी लेने से विभाग आनाकानी कर रहा है।
जानकारी अनुसार इछावर ब्लाक के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों की पोषण आहार प्रदत समितियों को शासन द्वारा 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए थे जिसमे से एक आंगनबाड़ी केंद्र जमोनिया हटेसिंह भी है जहाँ राशि का दुरुपयोग किया जाकर छोटे-छोटे,घटिया किस्म के तीन ओंटले प्रागंण मे बनवाए गए व बाल पेंटिंग के नाम पर 30 हजार रुपये समिति के बैंक खाते से निकाल लिए गए।खासबात यह है कि बाल पेंटिंग और ओटलों का निर्माण उस समय अनबुझी पहली बन गया जब समिति अध्यक्ष सोरम बाई ने ओटला निर्माण की जिम्मेदारी लेने से ही इन्कार कर दिया और दूसरी तरफ परियोजना अधिकारी ने भी आनाकानी करते हुए इस मामले से पल्ला झाड़ लिया। सोरम बाई कहती हैं कि मुझे सिर्फ़ इतना पता है कि इछावर वाली बड़ी मेडम एक दिन गांव आई मुझसे कहा कि अंगूठे-दस्तखत कर दो 30 हजार निकाल कर काम ओटलों का काम कराएंगे।
उधर ग्रामीणों का कहना है कि हमारे गांव की आंगनबाड़ी मे जो चबूतरे बने और वाल पेंटिंग हुई उसमे महज 4-5 हजार रुपये ही खर्च हुए बाकी करीब 25 हजार रुपये विभाग ने डकार लिए।ग्रामीण रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि निर्माण के इस पूरे मामले मे 25 हजार रुपये का घोटाला हुआ है जिसे इछावर स्थित विभाग के अधिकारियों ने मिलकर किया,निर्माण कार्य भी बेहद घटिया किस्म का हुआ,जो कार्य समिति को करवाना चाहिए था उसे विभाग ने क्यों करवाया, इसमे सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की बू आती है हम ग्रामीणों ने ऊपर शिकायत भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
सरपंच अजबसिंह का कहना है कि उक्त घटिया किस्म के निर्माण के लिए संबंधित विभाग दोषी है और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए,आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्वीकृत 50 हजार रुपये मे से आधे 25 हजार रुपये कार्य मे खर्च होने के बजाए उनका बंदरबाट हो गया जो जांच का विषय है।


Post A Comment: