प्रतिबंध के बावजूद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का शोरगुल जारी,
प्रशासन नहीं लगा पा रहा लगाम,
आए दिन खड़ी हो रही झगड़े की नौबत
इछावर/भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट
ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लगाया गया प्रतिबंध असरहीन साबित हो रहा है देर रात तक डीजे का शोरगुल जारी रहता है कानफाड़ू आवाज पर देर रात तक धींगामस्ती जारी रहने से आम नागरिक परेशान हैं। मना करने पर आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है अभीतक मौके पर प्रशासन की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाने के कारण नागरिकों मे असंतोष व्याप्त है।
वार्षिक परीक्षाओं के मुद्देनजर जिला प्रशासन ने रात दस बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन बावजूद इसके इछावर नगर सहित गांवों मे डीजे साउंड का शोरगुल देर रात तक जारी रहता है जिससे खासतौर पर विद्यार्थियों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।छात्र राहुल वर्मा,दिनेश मालवीय,रोहित परमार,राकेश मालवीय,रेखा वर्मा,अंकिता,शुभा,पूजा,विरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि वैसे भी डीजे साउंड व लाईट गर्भवती महिलाओं,बुजुर्गों,मरीजों के स्वास्थ्य के प्रति नुकसानदायक हैं। डीजे पर तो पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए लेकिन सबसे अफसोसजनक यह है कि विद्यार्थियों की परीक्षाओं के दौरान भी इनकी तेज आवाज दूर-दूर तक गंजाएमान रहती है लेकिन प्रशासन कोई एक्शन नहीं लेता।
लोगों मे आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है मारपीट-झगड़े के केस थाने तक पहुंच रहे हैं 7 मार्च गुरुवार को इछावर पुलिस ने जीवनसिंह वर्मा निवासी भाऊँखेड़ी की रिपोर्ट पर प्रकाश खाती निवासी भाऊँखेड़ी के खिलाफ धारा 323,504 के तहत प्रकरण कायम किया। इस विवाद की जड़ भी डीजे साउंड ही था।
डीजे के कारण मारपीट-झगड़े की नौबत हर दूसरे दिन गांवों मे खड़ी हो रही है।
नागरिकों का कहना है कि प्रतिबंध के बावज़ूद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल आखिर कैसे किया जा रहा है यह सबसे बड़ी सोच का विषय है।

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