विडंबना खेरी के शा हायर सेकेंडरी स्कूल की . . .
प्राचार्य होने के बावजूद प्राचार्य नहीं,
प्रभारी के भरोसे चल रहा स्कूल,
दो वर्ष से अटैच हैं उप संचालक जिला शिक्षा कार्यालय सीहोर मे,
चरमराई व्यवस्था के दौर से गुजर रहा स्कूल,
ग्रामीणों ने कहा- नहीं सुधरी व्यवस्था तो करेंगे आंदोलन

इछावर,  एमपी मीडिया पाइंट  

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेरी विकासखंड इछावर मे पदस्थ प्राचार्य वर्षों से कार्यालय उप संचालक शिक्षा सीहोर मे अटैच हैं उनके खेरी स्कूल नहीं पहुंचने के कारण शाला की पूरी व्यवस्थाएँ चरमरा गई हैं स्कूल मे अध्ययनरत 410 बच्चों का भविष्य अधर मे लटका हुआ है, ग्रामीणों का कहना है कि प्राचार्य महोदय अफसरशाही के शोक मे सीहोर बने हुए हैं उनको या तो खेरी स्कूल पहुंचाया जाए या उनका स्थानांतरण अन्यत्र कर दिया जाए।


जानकारी अनुसार शा हायर सेकेंडरी स्कूल खेरी के प्राचार्य नीलेश सक्सेना सन् 2015 के बाद से यदाकदा ही स्कूल पहुंचे हैं वह ज्यादातर कार्यालय उप संचालक सीहोर ही अटैच रहते हैं विद्यालय मे उनके नहीं रहने से लगातार शैक्षिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं ग्रामीण बताते हैं कि प्राचार्य के अफसरशाही शोक ने उन्हें सीहोर आफिस बनाए रखा है  वर्तमान मे बोर्ड परीक्षाओं के निरीक्षण दल मे शामिल हो वह जिले के परीक्षाकेंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के कृपापात्र होने की वजह से प्राचार्य 4 वर्ष मे मुश्किल से दो-ढाई महिने ही स्कूल पहुंचे वह मुख्यालय पर तो रहते नहीं बल्कि सीहोर आफिस मे भी भोपाल से अपडाऊन करते हैं।
वर्तमान मे प्राचार्य का प्रभार वरिष्ठ अध्यापिका वर्षा रानी सिसोदिया के पास है वह बताती हैं कि सप्ताह मे दो-एक दिन नीलेश सक्सेना स्कूल आते हैं।
बुधवार को प्रभारी प्राचार्या के अलावा शिक्षक बनपसिंह वर्मा और दो अतिथि शिक्षक स्कूल मे उपस्थित थे बाकी सभी शिक्षक किसी न किसी शासकीय कार्य से बाहर गए हुए थे। अब सवाल यह उठता  है कि स्कूल का काम प्रभारी से ही चल सकता है तो प्राचार्य की जरुरत ही क्या !

एक अशासकीय संस्था संचालक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि सीहोर आफिस मे प्राचार्य स्तर के अधिकारी बाबूगिरी कर रहे और उनकी तरफ से हमे कुछ विषयों पर लगातार डराया-धमकाया भी जा रहा है।
कुलमिलाकर जिस प्राचार्य को जिस स्कूल से वेतन मिल रहा है वह उसी स्कूल मे रहना पसंद नहीं कर रहे, सीहोर आफिस मे वर्षों से डटे हुए हैं आखिर कारण क्या!
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की व्यवस्थाएँ नहीं सुधरी तो वह ब्लाक मुख्यालय पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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यह बोले अधिकारी-

वह अभी परीक्षाओं के निरीक्षण दल मे हैं उन्हें सीहोर आफिस से बहुत पहले कार्यमुक्त किया जा चुका है। समय-समय पर ड्यूटी लगाई जाती है शेष कार्यालयीन दिवस प्राचार्य खेरी स्कूल मे ही ड्यूटी देते हैं।

                                   अनिल त्रिपाठी
                                    डीईओ,सीहोर

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