14 वर्षों से भाऊंखेड़ी के दुर्गा मंदिर में जल रही ज्वाला देवी से लाई जोत

राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट

सीहोर जिले का एक मात्र स्थान भाऊँखेड़ी है जहाँ 14 वर्षों से ज्वालादेवी विराजमान हैं।

हिमाचल प्रदेश स्थित ज्वाला देवी मंदिर से 14 वर्ष पहले लाई गई जोत आज भी इछावर ब्लॉक के गांव  भाऊंखेड़ी के दूर्गा मंदिर में लगातार प्रज्ज्वलित हैं नवरात्र पर मां ज्वाला देवी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या  में भक्त भाऊंखेड़ी पहुंचते है।

   
ब्लॉक के भाऊंखेड़ी गांव में दुर्गा-ज्वालादेवी का मन्दिर है जिसपर देवीभक्तों की असीम आस्था है मान्यता है कि यहाँ भक्तों की समस्त मनोकामनाएं माँ की कृपा से अवश्य ही पूर्ण होती हैं। ग्रामीण बताते हैं कि माता के इस दरबार मे मत्था टेकने वाले असंख्य भक्तो ने विगत 14 वर्षों मे फर्श से अर्श तक का सफर तय कर लिया है विशेषता है कि यहाँ के मंदिर में लगातार 14 वर्षों से बगैर  बुझे अखण्ड जोत जल रही हैl 

मंदिर के पुजारी दिनेश दास बैरागी ने बताया कि 14 वर्ष  पहले ग्राम के 18 लोग दो जीप से हिमाचल प्रदेश पहुंचकर ज्वाला देवी मंदिर से जलती हुई जोत भाऊंखेड़ी लेकर आये थे जिसे बड़े विधि विधान से मन्दिर में स्थापित किया गया था जो आज तक निरन्तर जल रही है साथ ही मन्दिर में धुना भी उसी दिन से आज तक चल रहा है। ग्राम के कमल सिंह मिस्त्री ने बताया कि जब से ग्राम में ज्वाला जी की स्थापना हुई है तब से ग्राम पर कोई संकट नही आया है ग्राम के सभी लोगो का विशेष योगदान भी मन्दिर को मिल रहा है। बाहर के देवीभक्त भी क्षमताओं के अनुरुप सहयोग कर रहे हैं।

जानकारी अनुसार ग्राम में किसी के घर अगर कोई मवेशी जनती है तो उसके दूध का घी बनाते है तो पहली बार जो घर मे घी बनता है वह ज्वाला देवी की जोत को अर्पित किया जाता है। नवरात्रि के अवसर पर आचार्य दिनेश शर्मा लसूड़ियाराम के सानिध्य मे हवन-पूजन के विशेष कार्यक्रम प्रतिदिन जारी हैं।
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