विदिशा संसदीय सीट ------------------------------
विधायक करणसिंह वर्मा की भी भूमिका भाजपा के लिए कम नहीं, ऐसे मे क्या जातीगत समीकरण को संतुलित कर पाएंगे मंत्री पटवारी,
सवा लाख से अधिक खाती मतदाताओं के चक्रव्यूह मे फंसे भाजपा प्रत्याशी भार्गव

राजेश शर्मा
विदिशा संसदीय सीट पर अब पैतरेबाजी शुरु हो गई है।भाजपा के लिए लोकसभा सीट बचाना महत्वपूर्ण हो गया वहीं इतिहास रचने के लिए कांग्रेस भी कोई कौर-कसर बाकी रखना नहीं चाह रही। दोनों ही दलों के प्रत्याशी अब जातिगत समीकरण को संतुलित करने का प्रयास कर रहे हैं। अभीतक मतदाताओं की दिलचस्पी से दूर नजर आने वाला विदिशा संसदीय सीट का चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की रेहटी व दीवड़िया (इछावर) मे 30 अप्रैल को आयोजित जनसभाओं के बाद जोर पकड़ता नजर आ रहा है।
दोनों दल एक-दूसरे की ताकतों पर सेंधमारी मे जुट गए हैं। विदिशा संसदीय सीट के अंतर्गत सवा लाख से अधिक मतदाता खाती जाति से संबद्ध हैं जो माना जा रहा है कि इस चुनाव मे निर्णायक भूमिका अदा करने वाले हैं। इसीलिए भाजपा,कांग्रेस दोनो ही पार्टियों की तरफ से उन्हें रिझाने के प्रयास शुरु हो गए हैं।
क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी शैलेन्द्र पटेल खाती समाज से ही आते हैं इसीलिए माना जा रहा है कि खाती मतदाताओं का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष मे हो सकता है। दूसरी तरफ विदिशा लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र इछावर के विधायक, पूर्व राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा भाजपा के पास खाती समाज के वह कार्ड हैं जो अंतिम समय पर निकाले जा सकते हैं। क्योंकि अकेले इछावर विधानसभा क्षेत्र मे ही करीब 50 हजार खाती मतदाता हैं।
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने शैलेन्द्र पटेल के समर्थन मे खाती मतदाताओं को एकता के सूत्र मे बांधने का जिम्मा शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी को सौंपा है जो खुद खाती समाज से संबद्ध हैं। उनका जनसंपर्क दौरा कार्यक्रम जो निर्धारित किया गया है उसमे शामिल सभी गांव विशुद्ध रुप से खाती बाहुल्य गांव हैं। जो कांग्रेस की रणनीति का एक हिस्सा है।
जानकारी के मुताबिक जीतू पटवारी 3 मई को इछावर विधानसभा के ग्राम कुलांसकला,गुड़भेला,उलझावन,मोगराराम,आमाझिर,भाऊँखेड़ी,दीवड़िया,खेरी,लसूड़ियाकांगर,चकल्दी,बांया,रेहटी,नसरुल्लागंज का दौरा करेंगे। यह पूरे के पूरे गांव खाती बाहुल्य हैं।
समझा जा रहा है कि वह इन गांवों के मतदाताओं के गले मे सिर्फ एक बात उतारने का प्रयास करेंगे कि शैलेन्द्र पटेल हमारे समाज के पहले वह व्यक्ति हैं जिन्हें किसी राष्ट्रीय दल ने लोकसभा प्रत्याशी बनाया। अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें विजयी बनाकर दिल्ली पहुंचाएं। खाती समाज के व्यक्ति अबतक विधायक तो बनते रहे लेकिन चुनावों के इतिहास मे यह पहली बार मौका आया है कि हम अपने समाज के व्यक्ति को सांसद चुनकर दिल्ली पहुंचा सकते हैं।
वर्तमान परिदृश्य मे तो सवा लाख से अधिक खाती मतदाताओं के चक्रव्यूह मे भाजपा प्रत्याशी रमांकात भार्गव फंसे दिखाई दे रहे हैं। इस चक्रव्यूह को तोड़ने का जिम्मा इछावर विधायक करणसिंह वर्मा को भाजपा सौंप सकती है लेकिन श्री वर्मा भी इछावर विधानसभा क्षेत्र तक ही अपने समाज मे पुख्ता पैठ रखते हैं।इसके अलावा बुदनी या अन्य विधानसभा क्षेत्र के खाती मतदाता उन्हें कितनी तवज्जो दें यह बात अलग है।
बात यदि की जाए ब्राह्मण समाज के मतदाताओं की तो उनकी संख्या विदिशा सीट पर खाती समाज से अधिक ही है लेकिन ब्राह्मण मतदाताओं का रमाकांत भार्गव भाजपा के पक्ष मे ध्रुवीकरण हो जाए इसकी संभावना अभी लगभग गौंण है क्योंकि भाजपा की तरफ से इस दिशा मे अबतक कोई ठोस पहल शुरु नहीं हो पाई है।
माना जा रहा कि इस पहल की शुरुआत इसीलिए भी नहीं हो पा रही क्योंकि भार्गव को अपने समाज से अधिक शिवराजसिंह चौहान के वोटों पर शायद भरोसा ज्यादा है!
कुलमिलाकर मतदान के एक सप्ताह पहले कांग्रेस ने मंत्री जीतू पटवारी को प्रचार-प्रसार मे उतारकर विदिशा लोकसभा चुनाव को जातिगत समीकरण के दायरे मे ला खड़ा किया है।
राजेश शर्मा/एमपी मीडिया पाइंट


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