महिला बाल विकास और स्काई सोशल संस्था के तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन,

हर भारतीय महिला को पता होने चाहिए कानूनी अधिकार- सृष्टि प्रगट

सीहोर,  एमपी मीडिया पाइंट  

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हम एक आर्थिक और राजनीतिक शक्ति पुंज के रूप में उभर रहे हैं। हमारे संविधान ने हमें जो अधिकार और अवसर दिए हैं उन्हें भी प्रमुखता मिल रही है। आज महिलाएं भी मेहनत कर रही हैं और अपने करियर को लेकर गंभीर हैं। हांलाकि, मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीडऩ, स्त्री द्वेष और लिंग असमानता इनमें से ज्यादातर के लिए जीवन का हिस्सा बन गई हैं। ऐसे में महिलाओं को भी भारतीय कानून द्वारा दिए गए अधिकारों के प्रति जागरुकता होनी चाहिए। उक्त विचार जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर के सभाकक्ष में आयोजित महिला बाल विकास विभाग और स्काई सोशल संस्था के तत्वाधान में जारी एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में संस्था की संचालिका सृष्टि प्रगट ने व्यक्त किए।

कार्यशाला के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को संबोधित करते हुए संचालिका सृष्टि प्रगट ने लिंग भेद एवं स्त्री पुरुष विभेद में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि समाज में जेंडर संवेदनशीलता की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाज में बालक एवं बालिका में किये जा रहे भेद के कारण समाज में विषमता बढ़ रही है इसको कम करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक परंपराओं में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रचना बधोलिया ने नारी ही नारी का भेदभाव को बढावा देती है। उन्होंने कहा कि पुरातन काल से ही स्त्री एवं पुरुष में पारिवारिक स्तर पर कार्य विभाजन के तहत घरेलू कार्य स्त्री द्वारा एवं आजीविका उपार्जन पुरुष के द्वारा निर्धारित किया गया जो वर्तमान समय में आये परिवर्तन के कारण स्त्री पुरुष में आयी विषमताएं कम हुई है फिर भी हमें इसके प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है। कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन डॉ. भरत आर्य, डीएचओ डॉ.आनेद शर्मा, श्रीमती गायत्री राव, संजूलता भार्गव, महिला बाल विकास के सामाजिक कार्यकर्ता शशि राठौर, सुरेश पांचाल आदि शामिल थे। वही कार्यशाला के दौरान अर्धा तिवारी, पुष्पा सिंह ने यहां पर महिला चिकित्सकों, एएनएम, बीसीएम आदि यहां पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को जेंडर संवेदनशीलता एवं जेंडर रेस्पॉन्स वजटिंग के तहत सशक्त महिला सशक्त समाज विषय पर अवगत किया।
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