सेवानिवृत्त हुए एसडी जोशी,
भावुक हुए विद्यार्थी,
जोशी ने कहा स्कूल को समय-समय पर सेवा देता रहूंगा।
राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी(इछावर)
शनिवार को शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा कुर्मी संकुल केंद्र भाऊँखेड़ी में विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रधान अध्यापक के पद रहे शशिधर जोशी के सेवानिवृत्त होने पर शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा कुर्मी के द्वारा उनका सम्मान किया गया।
इस दौरान स्कूल के अघ्यापक जगदीश मोहनिया द्वारा शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया,
जोशी ने बच्चो को जीवन मे आगे बढ़ने व सच्ची लगन से पढ़ाई करने का संदेश भी दिया इस दौरान जोशी बीच- बीच मे कई बार भावुक हो गए।इसे देखकर समस्त स्टाफ, बच्चे एवं पालक भी अपने आंसू रोक नही पाए।
जातेजाते बच्चो को सेवानिवृत्त जोशी जी कहा कि मै बीच-बीच मे जब भी समय मिलेगा आप लोगो से मिलने आया करूँगा, बरखेड़ाकुर्मी व भाऊँखेड़ी से तो मेरा जन्म-जन्म का नाता जो जुड़ गया है।ग्राम के सभी लोगो ने उनके कार्य की बहुत सरहना करते हुए आज उन्हें स्कूल से भावुक होते विदा किया।
क्षेत्र के विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने बताया कि शिक्षक जोशी ने अपने सेवाकाल के दौरान जो शिक्षा के क्षेत्र मे कार्य किया वह अतुलनीय है। हमारे से उनका जाना किसी को अच्छा नहीं लग रहा। शासकीय नियम उनकी निवृत्ति कर सकते हैं लेकिन हमारे स्मरण से वह कभी निवृत्त नहीं हो सकते।
बतादें कि सेवानिवृत्त शिक्षक एसडी जोशी एक महान विचारक व साहित्यकार के रुप मे सीहोर जिले के अंदर अपनी अलग विशिष्ठ पहचान रखते हैं।
भावुक हुए विद्यार्थी,
जोशी ने कहा स्कूल को समय-समय पर सेवा देता रहूंगा।
राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी(इछावर)
शनिवार को शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा कुर्मी संकुल केंद्र भाऊँखेड़ी में विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रधान अध्यापक के पद रहे शशिधर जोशी के सेवानिवृत्त होने पर शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा कुर्मी के द्वारा उनका सम्मान किया गया।
इस दौरान स्कूल के अघ्यापक जगदीश मोहनिया द्वारा शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया,
जोशी ने बच्चो को जीवन मे आगे बढ़ने व सच्ची लगन से पढ़ाई करने का संदेश भी दिया इस दौरान जोशी बीच- बीच मे कई बार भावुक हो गए।इसे देखकर समस्त स्टाफ, बच्चे एवं पालक भी अपने आंसू रोक नही पाए।
जातेजाते बच्चो को सेवानिवृत्त जोशी जी कहा कि मै बीच-बीच मे जब भी समय मिलेगा आप लोगो से मिलने आया करूँगा, बरखेड़ाकुर्मी व भाऊँखेड़ी से तो मेरा जन्म-जन्म का नाता जो जुड़ गया है।ग्राम के सभी लोगो ने उनके कार्य की बहुत सरहना करते हुए आज उन्हें स्कूल से भावुक होते विदा किया।
क्षेत्र के विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने बताया कि शिक्षक जोशी ने अपने सेवाकाल के दौरान जो शिक्षा के क्षेत्र मे कार्य किया वह अतुलनीय है। हमारे से उनका जाना किसी को अच्छा नहीं लग रहा। शासकीय नियम उनकी निवृत्ति कर सकते हैं लेकिन हमारे स्मरण से वह कभी निवृत्त नहीं हो सकते।
बतादें कि सेवानिवृत्त शिक्षक एसडी जोशी एक महान विचारक व साहित्यकार के रुप मे सीहोर जिले के अंदर अपनी अलग विशिष्ठ पहचान रखते हैं।



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