शुगर फैक्ट्री की भूमि शासकीय घोषित,
अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही,
कई अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ी,
सन् 1837 मे भोपाल नवाब ने सीहोर मे स्थापित की थी फैक्ट्री
सीहोर 04 नवंबर,2019
एमपी मीडिया पाइंट
सन् 1837 मे नवाब भोपाल द्वारा सीहोर मे स्थापित की गई शुगर फैक्ट्री के बंद होने के पश्चात ताबड़तोड़ किए गए उसकी जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाने की कवायद शासन द्वारा शुरु कर दी गई है।
अनुविभागीय अधिकारी सीहोर आदित्य जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि तहसील सीहोर में भोपाल शुगर इंडस्ट्रीज की 4557.85 एकड़ भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज थी, यह भूमि क्रमश: ग्राम शेरपुर, हसनपुरा, गोपालपुरा, खुर्शीदपुर, रोला, जमोनिया तालाब, राजूखेड़र, मुंगावली, जहांगीपुरा, कस्बा सीहोर, आल्हादाखेड़ी, भगवानपुरा, रायपुरा, छावनी सीहोर, बड़ियाखेड़ी, सारंगाखेड़ी कुल 17 ग्रामों में स्थित थी। शुगर फैक्ट्री वर्ष 2002 से बंद हैं।
बतादें कि शुगर फैक्ट्री की भूमि शासकीय घोषित होने से कई अतिक्रमणकारियों की अब नींद हराम हो गई है क्योंकि शासन ने उनके विरुद्ध अच्छे-खासे साक्ष्य बटोर लिए हैं। गौरतलब है कि शुगर फैक्ट्री का जमीनी रकबा सीहोर का सबसे बढ़ा रकबा है जो जबरदस्त अतिक्रमण का शिकार है। उक्त जमीन पर किए गए अतिक्रमण पिछले कई वर्षों से सीहोर के विकास मे रोढ़ा साबित हो रहे थे। उक्त जमीन अतिक्रमणविहीन होने के बाद सीहोर के विकास का मार्ग ओर भी प्रशस्त होने की संभावना को बल मिला है।



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