मेरा भारत स्वर्णिम भारत यात्रा, 80 हजार किलोमीटर का सफर और 26 राज्यों में किया प्रचार,
बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण भी जरूरी-बीके पंचशीला दीदी
सीहोर 14 जनवरी,2020
एमपी मीडिया पाइंट 

आज के दौरा में बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार की आवश्यकता है। स्कूलों में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किन्तु जीवन में पढ़ाई और खेलकूद ही सब कुछ नहीं है। अच्छी शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी उतनी ही जरूरी है। संस्कारों को अच्छा बनाने के लिए आध्यात्मिक शिक्षा की आवश्यकता होती है। उक्त विचार शहर के गंगा आश्रम स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान केन्द्र की प्रभारी बीके पंचशीला ने व्यक्त किए।

इस संबंध में बीके डॉ. अर्चना और मैनेजर बीके महेश ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के युवा प्रभाग द्वारा निकाली जा रही मेरा भारत स्वर्णिम भारत यात्रा करीब 80 हजार किलोमीटर का लंबा सफर तय कर सीहोर जिले में पहुंची है। यात्रा का उद्देश्य चरित्र निर्माण और व्यसनमुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यात्रा के दौरान शहर के आरके कालेज, पीजी कालेज, सरस्वती शिशु मंदिर, नवीन विद्या भारती, सुभाष स्कूल, कस्तुरबा स्कूल और उपजेल सहित अन्य स्थानों पर जाकर प्रचार किया गया है। जिले में यात्रा 11 जनवरी को पहुंची थी, यात्रा सीहोर, श्यामपुर, इछावर, नसरुल्लागंज और रेहटी आदि से होते हुए आगामी दिनों में माउंट आबू पर समापन होगी। मेरा भारत स्वर्णिम भारत यात्रा अब तक 26 राज्यों और चार केन्द्र शासित प्रदेशों की यात्रा कर चुकी है।
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