भाऊँखेड़ी के प्राचीन शिवालय में लगा दर्शनार्थियों का तांता,
इछावर क्षेत्र के सभी शिवालयों मे गूंजे हर-हर महादेव
प्राचीन शिवालय भाऊँखेड़ी
कैलाश धाम इछावर
प्राचीन शंकर मंदिर इछावर
फांगया/ब्रिजिशनगर
इछावर,भाऊँखेड़ी,फांगिया
एमपी मीडिया पाइंट
इछावर ब्लाक से मात्र दस किलोमीटर दूर है गाँव भाऊँखेड़ी जहाँ प्राचीन चमत्कारिक शिवालय है जहाँ आज महाशिवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र के आसपास से आये दर्शनार्थियों का दिन भर तांता लगा रहा।
बताया जाता है कि वैसे तो सीहोर जिले में अनेक प्राचीनतम मंदिर है मगर ब्लाक के गाँव भाऊँखेड़ी में जो शिव मंदिर है वो एक ऐसा मंदिर है जिसमे भगवान शिव के अलावा प्राचीन हनुमान प्रतिमा भी है बताया जाता है कि सीहोर जिले में ऐसी हनुमानजी की प्रतिमा ओर कहीं नहीं है जिले की सबसे ऊँची एवं बड़ी हनुमान प्रतिमा भाऊँखेड़ी में है। यह शिव मंदिर बीच ग्राम में स्थित है जहाँ पर की लोगो की एक अलग ही आस्था है मंदिर कब बना और किसने बनाया ये बात गाँव के जो बुजुर्ग लोग है व उनकी उम्र लगभग नब्बे साल हो गई है उनसे भी अगर मंदिर के इतिहास के बारे में पूछा जाए तो वो यही कहते है की हमारे पूर्वजों ने भी हमे यह नहीं बताया कि मंदिर निर्माण कब हुआ, वह भी इसे ऐसे ही देखते आये थे,ग्राम के सबसे उम्र दराज लोग बताते है कि पहले इस शिव मंदिर में कई बाबाओ,सन्तों का डेरा रहा करता था वह यहाँ चातुर्मास बिताया करते थे आज महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर ने पूजा अर्चना को दौर अलसुबह से ही शुरू हो गया था,जिससे कई भक्तों को घंटो तक इंतजार के बाद पूजा अर्चना करने का मौका मिला,आज महाशिवरात्रि के अवसर रात भर मंदिर में अनेक धार्मिक आयोजन होंगें जिसमे ग्राम की अनेक भजन मंडलियां शामिल होंगी।
तहसील मुख्यालय इछावर मे भी शिवालयों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर तरफ हर-हर महादेव गूंज रहे हैं। पुराना बस स्टेंड स्थित हनुमान मंदिर की भी यही विशेषता है कि यहा चमत्कारिक प्राचीन शिवलिंग विद्वमान है। मुख्य बाजार स्थित शंकर मंदिर की भी महिमा अपरंपार है वहां भी मत्था टेकने और अभिषेक के लिए दर्शनार्थी बढ़ी संख्या मे पहुंच रहे हैं। गल्ला मंडी कैलाश धाम,नादान रोड स्थित शिव मंदिर व थाना परिसर मे स्थित मंदिर मे भी लगातार दर्शनार्थ पहुंच रहे हैं।
इछावर तहसील के गांव ब्रिजिशनगर,फांगिया तथा आसपास के आधा दर्जन गांवों मे शिवभक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है। हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का दौर जारी है। कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रशासनिक अधिकारियों का भी लगातार दौरा जारी है। समूचा इछावर क्षेत्र महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव भक्ति मे लीन है।
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राजेश बनासिया,शिवराजसिंह राजपूत,हुकुमसिंह मेवाड़ा,सूरज वर्मा की रिपोर्ट
इछावर क्षेत्र के सभी शिवालयों मे गूंजे हर-हर महादेव
प्राचीन शिवालय भाऊँखेड़ी
कैलाश धाम इछावर
प्राचीन शंकर मंदिर इछावर
फांगया/ब्रिजिशनगर
इछावर,भाऊँखेड़ी,फांगिया
एमपी मीडिया पाइंट
इछावर ब्लाक से मात्र दस किलोमीटर दूर है गाँव भाऊँखेड़ी जहाँ प्राचीन चमत्कारिक शिवालय है जहाँ आज महाशिवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र के आसपास से आये दर्शनार्थियों का दिन भर तांता लगा रहा।
बताया जाता है कि वैसे तो सीहोर जिले में अनेक प्राचीनतम मंदिर है मगर ब्लाक के गाँव भाऊँखेड़ी में जो शिव मंदिर है वो एक ऐसा मंदिर है जिसमे भगवान शिव के अलावा प्राचीन हनुमान प्रतिमा भी है बताया जाता है कि सीहोर जिले में ऐसी हनुमानजी की प्रतिमा ओर कहीं नहीं है जिले की सबसे ऊँची एवं बड़ी हनुमान प्रतिमा भाऊँखेड़ी में है। यह शिव मंदिर बीच ग्राम में स्थित है जहाँ पर की लोगो की एक अलग ही आस्था है मंदिर कब बना और किसने बनाया ये बात गाँव के जो बुजुर्ग लोग है व उनकी उम्र लगभग नब्बे साल हो गई है उनसे भी अगर मंदिर के इतिहास के बारे में पूछा जाए तो वो यही कहते है की हमारे पूर्वजों ने भी हमे यह नहीं बताया कि मंदिर निर्माण कब हुआ, वह भी इसे ऐसे ही देखते आये थे,ग्राम के सबसे उम्र दराज लोग बताते है कि पहले इस शिव मंदिर में कई बाबाओ,सन्तों का डेरा रहा करता था वह यहाँ चातुर्मास बिताया करते थे आज महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर ने पूजा अर्चना को दौर अलसुबह से ही शुरू हो गया था,जिससे कई भक्तों को घंटो तक इंतजार के बाद पूजा अर्चना करने का मौका मिला,आज महाशिवरात्रि के अवसर रात भर मंदिर में अनेक धार्मिक आयोजन होंगें जिसमे ग्राम की अनेक भजन मंडलियां शामिल होंगी।
इछावर तहसील के गांव ब्रिजिशनगर,फांगिया तथा आसपास के आधा दर्जन गांवों मे शिवभक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है। हर-हर महादेव के जयघोषों के बीच विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का दौर जारी है। कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से प्रशासनिक अधिकारियों का भी लगातार दौरा जारी है। समूचा इछावर क्षेत्र महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव भक्ति मे लीन है।
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राजेश बनासिया,शिवराजसिंह राजपूत,हुकुमसिंह मेवाड़ा,सूरज वर्मा की रिपोर्ट






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