कभी संतों महंतों और सन्यासियों के राम को गोस्वामी तुलसी दास जी ने राम चरित मानस के माध्यम से जन जन के मन का राम बना दिया। अयोध्या के राजकुमार राम जब गंगा तट से पार होकर मंदाकिनी के किनारे पहुंचे तो वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम हो गए। वो हुए तो त्रेता युग में थे लेकिन कलियुग में जन के राम सत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार राम जन्म भूमि तीर्थ स्थल के लिए न्यास का मार्ग प्रशस्त करती है तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश की सरकार उस मार्ग को बनाने का ऐलान करती है जिस मार्ग पर वनवासी राम ने चल कर समाज के शोषित वर्ग को आलिंगन बद्ध किया। और जताया कि समाज के हर वर्ग को सत्ता द्वारा पोषित होना चाहिए, उनके कल्याण के कार्य किए जाना चाहिए। उन्हीं राम की स्मृतियों को जनभावना के अनुरूप सहेजने और संवारने का काम सरकारी तौर पर किया जाना स्वागत योग्य है।
सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने को मंजूरी दे दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में आज इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने बताया कि यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की तीर्थस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।
इस मुद्दे पर लगभग तीं दशक तक देश आंदोलित रहा। और शायद इससे भी ज्यादा वक्त तक राम जन्म स्थान का मसला कोर्ट की कानूनी पेचिदग़ियों में उलझा रहा। बीते नौ नवम्बर को सर्वोच्च न्यायालय ने जन के मन की बात को महसूस करते हुए अपना फैसला सुनाया था। जिसके तारतम्य में मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने ट्रस्ट के गठन का मार्ग प्रशस्त किया है।
इसी प्रकार लंबे समय से राम के वन गमन मार्ग को लेकर भी लंबे समय से जनभावना बनी कि यह मार्ग भी बनाया जाए। सवाल यह था कि इस मार्ग को चिंहित कैसे किया जाए? विशेषज्ञों की टीम ने अब इस मार्ग को चिंहित कर लिया है। उल्लेखनीय यह भी है कि अयोध्या से लेकर लंका तक का मार्ग चिंहित करने के लिए रामावतार शर्मा जी ने बीते पच्चीस सालों में तीन बार पैदल पूरे मार्ग का भ्रमण किया है। उनसे जब मुलाकात हुई थी तब उन्होंने अपने अनुभव भी इस नाचीज से साझा किए थे। अब उसी मार्ग के मध्य प्रदेश के हिस्से को लेकर यहाँ की प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय कदम उठाया है।
मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक करीब 200 किलोमीटर का 'राम वन गमन पथ' का निर्माण कराएगी। मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी सी शर्मा ने अपने विभाग का एक साल का ब्योरा देते हुए बताया, "हमारी सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक 'राम वन गमन पथ' का निर्माण करेगी। इसके लिए हमारी सरकार ने 22 करोड़ रूपये स्वीकृत भी कर दिए हैं।
दोनों सरकार अब केवल राम का नाम नहीं ले रही हैं वरन राम का काम भी कर रही हैं। रोम रोम में बसने वाले राम का निर्मल यश इसी तरह आम आदमी का मन भी शुद्ध करता रहे। जय श्री राम......।
सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने को मंजूरी दे दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में आज इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने बताया कि यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की तीर्थस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।
इस मुद्दे पर लगभग तीं दशक तक देश आंदोलित रहा। और शायद इससे भी ज्यादा वक्त तक राम जन्म स्थान का मसला कोर्ट की कानूनी पेचिदग़ियों में उलझा रहा। बीते नौ नवम्बर को सर्वोच्च न्यायालय ने जन के मन की बात को महसूस करते हुए अपना फैसला सुनाया था। जिसके तारतम्य में मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने ट्रस्ट के गठन का मार्ग प्रशस्त किया है।
इसी प्रकार लंबे समय से राम के वन गमन मार्ग को लेकर भी लंबे समय से जनभावना बनी कि यह मार्ग भी बनाया जाए। सवाल यह था कि इस मार्ग को चिंहित कैसे किया जाए? विशेषज्ञों की टीम ने अब इस मार्ग को चिंहित कर लिया है। उल्लेखनीय यह भी है कि अयोध्या से लेकर लंका तक का मार्ग चिंहित करने के लिए रामावतार शर्मा जी ने बीते पच्चीस सालों में तीन बार पैदल पूरे मार्ग का भ्रमण किया है। उनसे जब मुलाकात हुई थी तब उन्होंने अपने अनुभव भी इस नाचीज से साझा किए थे। अब उसी मार्ग के मध्य प्रदेश के हिस्से को लेकर यहाँ की प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय कदम उठाया है।
मध्य प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक करीब 200 किलोमीटर का 'राम वन गमन पथ' का निर्माण कराएगी। मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी सी शर्मा ने अपने विभाग का एक साल का ब्योरा देते हुए बताया, "हमारी सरकार चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक 'राम वन गमन पथ' का निर्माण करेगी। इसके लिए हमारी सरकार ने 22 करोड़ रूपये स्वीकृत भी कर दिए हैं।
दोनों सरकार अब केवल राम का नाम नहीं ले रही हैं वरन राम का काम भी कर रही हैं। रोम रोम में बसने वाले राम का निर्मल यश इसी तरह आम आदमी का मन भी शुद्ध करता रहे। जय श्री राम......।


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