लेखिका 

इज़हार है...
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मानती हूँ
समझती हूँ
तुम्हारे भाव भरे
मौन को
और उसमें बसे
तकल्लुफ़ को
जो बिन हर्फ़ ही
बयां करता है 
हाल तुम्हारे दिल का
और उस 
नर्म अहसास को जिसे
महसूस करते हैं हम 
कभी आँखों से तो
कभी थिरकते होठों से
और सौंधी-सौंधी सी
महकती साँसों से
निःशब्द है जो
अगर उसे मिल जाता शब्द है
तो वह प्यार भरे अहसास का
इकरार है
छुपे जज्बातों का 
खूबसूरत इज़हार है कि...
मुझे तुमसे..सिर्फ तुमसे ही
प्यार है ...प्यार है !!
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डॉ. अनिता जैन 'विपुला'

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डॉ अनिता जैन "विपुला" उदयपुर राजस्थान से हैं। महाविद्यालय में प्राध्यापक का दायित्व निभाने के साथ साहित्य सृजन करते हुए अनेक सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। साथ ही एक एन जी ओ से जुड़कर समाज सेवा करती हैं और संगीत का शौक भी रखती हैं। बहु आयामी व्यक्तित्व की धनी अनिता जी का एम पी मीडिया पॉइंट में स्वागत है।
संपादक

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