नपाध्यक्ष श्रीमती नमिता विवेक राठौर के विशेष प्रयासों से नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह की शहरवासियों को नई सौगात
24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में बनेगा नया प्रोसेसिंग प्लांट, करीब 16 करोड़ रु. लागत आएगी
शहर के कूड-कचरे से बनेगी बिजली और खाद-बायोमेथेनेशन प्लांट का हुआ खाका तैयार
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नमिता विवेक राठौर और सीएमओ संदीप श्रीवास्वत के विशेष प्रयासों के कारण प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने शहरवासियों को नई सौंगात दी है। शहर के हाई-वे स्थित 24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड पर करीब 16 करोड़ की लागत से ठोस अपशिष्ठ के प्रसंस्करण-ट्रीटमेंट के लिए इस परियोजना के क्रियान्वयन हेतु डीपीआर तैयार की जा चुकी है और आने वाले समय में करोड़ों रुपए की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नमिता विवेक राठौर ने बताया कि शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए और शहर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से गत दिनों सीएमओ संदीप श्रीवास्तव को उक्त परियोजना पर अमल करने को कहा गया था। इसके बाद सीएमओ ने शहर के कूड़-कचरे से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्य योजना डीपीआर बनाकर विगत माह शासन को भेजा गया है जो नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह द्वारा दिए गए निर्देशानुसार अब शासन स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
43 हजार मैट्रिक टन कचरा निकलता प्रतिदिन
शहर के कूड-कचरे से बनेगी बिजली और खाद-बायोमेथेनेशन प्लांट के लिए डीपीआर तैयार की गई है। शहर के 35 वार्डों में करीब 20 हजार 314 घर है और 2011 के रिकार्ड के अनुसार सीहोर की कुल जनसंख्या एक लाख नौ हजार 118 थी और अब करीब सवा लाख के ऊपर हो चुकी है। प्रतिदिन करीब 43 हजार मैटिक टन कचरा निकलता है। इसको ध्यान में रखते हुए हाई वे स्थित 24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में 15.95 करोड़ की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा। इसमें मचिनों द्वारा मिक्स्ड कचरे को बायोडिग्रेडेबल /गीले और सूखे कचरे में अलग-अलग करना। अलग किए गए सूखे कचरे को मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी में मचिनो द्वारा ट्रीटमेंट। बायोडिग्रेडेबल/गीले कचरे को विंड्रो तकनीक आधारित द्वारा ट्रीटमेंट के अलावा बायोमेथेनेशन प्लांट में प्रे-ट्रीटमेंट/प्रोसेसिंग। अवायवीय किंवन, बायोगैस का संग्रह और बिजली का उत्पादन। अवशेष का ट्रीटमेंट आदि शामिल है।
कूड़े और कचरे से मिलेगी मुक्ति और शहर होगा स्वच्छ
24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में 15.95 करोड़ की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण होने के बाद शहर पूरी तरह स्वच्छ होगा और कूड़े और कचरे से निजात भी मिलेगी।
24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में बनेगा नया प्रोसेसिंग प्लांट, करीब 16 करोड़ रु. लागत आएगी
शहर के कूड-कचरे से बनेगी बिजली और खाद-बायोमेथेनेशन प्लांट का हुआ खाका तैयार
सीहोर 07 फरवरी,2020 एमपी मीडिया पाइंट
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नमिता विवेक राठौर और सीएमओ संदीप श्रीवास्वत के विशेष प्रयासों के कारण प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने शहरवासियों को नई सौंगात दी है। शहर के हाई-वे स्थित 24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड पर करीब 16 करोड़ की लागत से ठोस अपशिष्ठ के प्रसंस्करण-ट्रीटमेंट के लिए इस परियोजना के क्रियान्वयन हेतु डीपीआर तैयार की जा चुकी है और आने वाले समय में करोड़ों रुपए की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नमिता विवेक राठौर ने बताया कि शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए और शहर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से गत दिनों सीएमओ संदीप श्रीवास्तव को उक्त परियोजना पर अमल करने को कहा गया था। इसके बाद सीएमओ ने शहर के कूड़-कचरे से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्य योजना डीपीआर बनाकर विगत माह शासन को भेजा गया है जो नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह द्वारा दिए गए निर्देशानुसार अब शासन स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
43 हजार मैट्रिक टन कचरा निकलता प्रतिदिन
शहर के कूड-कचरे से बनेगी बिजली और खाद-बायोमेथेनेशन प्लांट के लिए डीपीआर तैयार की गई है। शहर के 35 वार्डों में करीब 20 हजार 314 घर है और 2011 के रिकार्ड के अनुसार सीहोर की कुल जनसंख्या एक लाख नौ हजार 118 थी और अब करीब सवा लाख के ऊपर हो चुकी है। प्रतिदिन करीब 43 हजार मैटिक टन कचरा निकलता है। इसको ध्यान में रखते हुए हाई वे स्थित 24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में 15.95 करोड़ की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा। इसमें मचिनों द्वारा मिक्स्ड कचरे को बायोडिग्रेडेबल /गीले और सूखे कचरे में अलग-अलग करना। अलग किए गए सूखे कचरे को मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी में मचिनो द्वारा ट्रीटमेंट। बायोडिग्रेडेबल/गीले कचरे को विंड्रो तकनीक आधारित द्वारा ट्रीटमेंट के अलावा बायोमेथेनेशन प्लांट में प्रे-ट्रीटमेंट/प्रोसेसिंग। अवायवीय किंवन, बायोगैस का संग्रह और बिजली का उत्पादन। अवशेष का ट्रीटमेंट आदि शामिल है।
कूड़े और कचरे से मिलेगी मुक्ति और शहर होगा स्वच्छ
24 एकड़ ट्रेंचिंग ग्राउंड में 15.95 करोड़ की लागत से विंड्रो तकनीक आधारित मेकेनाइज्ड कंपोस्टिंग प्लांट के साथ बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण होने के बाद शहर पूरी तरह स्वच्छ होगा और कूड़े और कचरे से निजात भी मिलेगी।


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