लेखक
दिल की धड़कन मेरी अना है इश्कसच कहूँ तो मेरा खुदा है इश्क
चैन की नींद जो न सोने दे
दर्द का मेरे तर्जुमा है इश्क
तिश्नगी भी नहीं बुझे जिससे
जिंदगी का असल मजा है इश्क
लोग समझे कहाँ इसे नादां
ये समझ से बहुत जुदा है इश्क
इसकी गहराइयों में डूबे जो
उम्र भर की उन्हें सजा है इश्क
पास होकर नज़र नहीं आता
दूर मंजिल का इक पता है इश्क
मौज ये सिरफिरे फकीरों की
दिल से निकली हसीं दुआ है इश्क
विनीत मोहन औदिच्य, सागर
मध्यप्रदेश
---------------------------------विनीत मोहन औदिच्य सागर, मध्य प्रदेश के निवासी हैं। हिंदी उर्दू व अंग्रेजी भाषाओं में क्रमश:कविता, ग़ज़ल व आलेख लेखन करते हैं। आपकी ग़ज़ल संग्रह -#खुशबू ए सुखन(2014)कविता संग्रह - #काव्य प्रवाह(2015) #भाव स्रोतस्विनी (2019) #कारवां ए ग़ज़ल (2020)साझा संग्रह -
(साहित्य_दीप) काव्य पुंज, नीहारिका(शीर्षक साहित्य) - शब्द कलश ( सोपान) - शिखर की ओर पहला कदम नवोदित साहित्यकार मंच - शुभमस्तु - 6 (साहित्य सागर) - 'रोशनी की कतारें' व ',' ग़ज़ल सागर' प्रकाशित हो चुके हैं।
आपको काव्य शिखर सम्मान (काव्यांचल)
शब्द कुंज व शब्द सारथी सम्मान (शीर्षक साहित्य परिषद्) विशिष्ट साहित्यकार सम्मान (सोपान) साहित्य दीप शलाका सम्मान (साहित्य दीप) 2018 व 2019 माँ शारदे सम्मान व काव्य सागर सम्मान (#साहित्य_सागर) एवं विभिन्न समूहों द्वारा सर्वश्रेष्ठ रचनाकार सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। विनीत जी शीर्षक साहित्य परिषद् में आयोजन संचालक सहित विभिन्न साहित्य समूहों में लेखक एवं पदाधिकारी के रूप में सक्रिय हैं।


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