जीत की हैट्रिक की तरफ बढ़ती "आप" 
चुनाव प्रचार के दौरान बोले गए बोलों के बाद देश के दिल दिल्ली के वोटर ने अपना फैसला ई वी एम के हवाले कर दिया। फिर उसी शाम को आए एक्जिट पोल ने उन बोलो को पोल खुलने का इशारा किया। लेकिन दिल है कि मानता नहीं की तर्ज पर सभी ने अपने अपने हिसाब से इन एक्जिट पोल की व्याख्या की। बीते दो दिनों से एक बेकरारी आप और भाजपा दोनों में देखी गई। भाजपा के समर्थकों ने तो दिल्ली की जनता को कोसना ही शुरू कर दिया। लोकतंत्र में उनके वोट दिए जाने की आजदी भी सवालिया निशान के घेरों में आ गई। 

भाजपा तो एक्जिट पोल के इशारे को मानने को तैयार ही नहीं थी तो आप को भी ई वी एम में हेरफेर होने का भूत लग गया। वह भी भाजपा के 48 सीटें जीतकर सरकार बनाने के दावे के दवाब में आ गई। आती भी क्यों नहीं, भाजपा ने पिछले लोक सभा चुनाव में 303 सीट जीत जाने का दावा किया और आश्चर्यजनक तरीके से भाजपा उतनी ही सीट पर विजय श्री का वरण कर लेती है। यही डर आप के नेताओं के मनइन बैठे गया और इस तरह की सही या गलत अथवा अफवाहें सुनाई भी दी। 

आज सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटो की गिनती में पहले रुझान आते ही पूत के पाँव पालने में दिखने जैसे आसार नजर आने लगे। आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता की तरफ कदम बढ़ाती दिखाई दे रही है। पूरी सत्तर सीटों के रुझान पर नजर डाली जाए तो आप 49 पर और भाजपा 21 सीटों पर बढ़त बनाती दिख रही है। कांग्रेस जो एक सीट पर बढ़त बनाए हुए थी वो बढ़त भी उसने खो दी है। अंतिम परिणाम आने तक स्थिति क्या बनती है। यह शाम तक साफ हो जाएगा।
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