इंदौर शहर में भी घूमेंगे बिजली कंपनी के पैमेंट कलेक्शन वाहन,
बिलिंग एफिशिएंसी 95 फीसदी तक लाने के निर्देश,
आदिवासी इलाकों में भी होगी एप से मीटर रीडिंग
इंदौर, एमपी मीडिया पाइंट
बिजली का वितरण जरूरी हैं, उतना ही जरूरी हैं हर उपभोक्ता से बिल राशि की शत प्रतिशत वसूली करना... इंदौर शहर में मौजूदा बिल जमाकर्ताओं के अलावा करीब 75 हजार से एक लाख उपभोक्ताओं को हर माह बिल राशि जमा करना होगी। इसके लिए बिजली कंपनी मोबाइल बिल पैमेंट व्हीकल स्लम बस्तियों, कालोनियों, मोहल्लों में पे बाय डेट के पास भेजेगी। यह वाहन आन लाइन पैमेंट प्राप्ति की हाथोंहाथ रसीद भी देगा।
उक्त निर्देश मप्रमक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक विकास नरवाल ने दिए। इंदौर क्षेत्र के इंजीनियरों की बैठक में उन्होंने कहा कि इंदिरा गृह ज्योति योजना में पिछले वर्ष की तुलना मे बिल राशि कम हैं, इस बिल राशि को हमें हर हाल में शत प्रतिशत तक वसूलना हैं, उपभोक्ता यदि बिजली जोन नहीं आ रहा हैं, तो हम सहज भुगतान सेवा वाहन(मोबाइल पैमेंट कलेक्शन व्हीकल) लेकर उसके मोहल्ले, बस्ती में वसूली के लिए जाए, फिर भी बिल राशि कई माह बकाया रहती हैं, तो कनेक्शन काट दिया जाए। श्री नरवाल ने शहर अधीक्षण यंत्री श्री अशोक शर्मा को निर्देश दिए कि शहर के 1200 किसानों के यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने के कारण मीटर लगाए जाए, इस पर बताया गया कि एयरपोर्ट बिजली जोन क्षेत्र में 300 किसानों के यहां मीटर लगाए गए हैं, शेष स्थानों पर यह काम एक माह में पूर्ण हो जाएगा। शहर की बिलिंग एफिशिएंसी 95 फीसदी तक लाना होगी। श्री नरवाल ने कहा कि मार्च माह हमारे वित्तीय वर्ष का आइना हैं, इंदौर शहर को एलटी में 133 एवं एचटी में 48 करोड़ कुल 181 करोड़ रूपए जमा करना है, इस अनुपात में शहर से रोज 6 करोड़ से ज्यादा राशि जमा होना चाहिए। इंदौर रीजन से करीब पांच सौ करोड़ रूपए का राजस्व एकत्रण होना चाहिए। इसके लिए रोज बकायादारों से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कुक्षी, मनावर, बदनावर, राजगढ़, मंडलेश्वर के कार्यपालन यंत्रियों को परफामेंस सुधार के लिए चेताया वहीं बड़वाह, खंडवा शहर के कार्यपालन यंत्री की परफामेंस सुधार के लिए सराहना की। श्री नरवाल ने कहा कि मैंटेनेंस का काम गुणवत्तापूर्ण हो ताकि हमारा लास कम रहे, सामान्य अवस्था में बिजली जाने की शिकायतें न मिले। श्री नरवाल ने मैंटेनेंस कार्यों के लिए अर्थिंग वायर, गिट्टी, फैसिंग, एमई, केपेसिटर, वीसीबी की पर्याप्त उपलब्धता के निर्देश दिए। आदिवासी इलाकों में कई फीडर की लंबाई ज्यादा होने से उन्होंने अधिकतम 25 किमी तक दूरी पर दूसरे फीडर के निर्देश दिए। श्री नरवाल ने कहा कि इंदौर शहर में एक लाख एवं इंदौर क्षेत्र में चार लाख पंचिंग(जमा पर्ची) बढ़ाना होगी, तभी राजस्व पर्याप्त एकत्रित होगा, उपभोक्ताओं को हर माह बिल राशि भरने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी जैसे इलाकों में भी फोटो मीटर रीडिंग का काम कंपनी के एप से करने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को सतुंष्टी मिले, एक ही स्थान पर बैठकर व फर्जी रीडिंग करने की शिकायत न आए।
बिलिंग एफिशिएंसी 95 फीसदी तक लाने के निर्देश,
आदिवासी इलाकों में भी होगी एप से मीटर रीडिंग
इंदौर, एमपी मीडिया पाइंट
बिजली का वितरण जरूरी हैं, उतना ही जरूरी हैं हर उपभोक्ता से बिल राशि की शत प्रतिशत वसूली करना... इंदौर शहर में मौजूदा बिल जमाकर्ताओं के अलावा करीब 75 हजार से एक लाख उपभोक्ताओं को हर माह बिल राशि जमा करना होगी। इसके लिए बिजली कंपनी मोबाइल बिल पैमेंट व्हीकल स्लम बस्तियों, कालोनियों, मोहल्लों में पे बाय डेट के पास भेजेगी। यह वाहन आन लाइन पैमेंट प्राप्ति की हाथोंहाथ रसीद भी देगा।
उक्त निर्देश मप्रमक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक विकास नरवाल ने दिए। इंदौर क्षेत्र के इंजीनियरों की बैठक में उन्होंने कहा कि इंदिरा गृह ज्योति योजना में पिछले वर्ष की तुलना मे बिल राशि कम हैं, इस बिल राशि को हमें हर हाल में शत प्रतिशत तक वसूलना हैं, उपभोक्ता यदि बिजली जोन नहीं आ रहा हैं, तो हम सहज भुगतान सेवा वाहन(मोबाइल पैमेंट कलेक्शन व्हीकल) लेकर उसके मोहल्ले, बस्ती में वसूली के लिए जाए, फिर भी बिल राशि कई माह बकाया रहती हैं, तो कनेक्शन काट दिया जाए। श्री नरवाल ने शहर अधीक्षण यंत्री श्री अशोक शर्मा को निर्देश दिए कि शहर के 1200 किसानों के यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने के कारण मीटर लगाए जाए, इस पर बताया गया कि एयरपोर्ट बिजली जोन क्षेत्र में 300 किसानों के यहां मीटर लगाए गए हैं, शेष स्थानों पर यह काम एक माह में पूर्ण हो जाएगा। शहर की बिलिंग एफिशिएंसी 95 फीसदी तक लाना होगी। श्री नरवाल ने कहा कि मार्च माह हमारे वित्तीय वर्ष का आइना हैं, इंदौर शहर को एलटी में 133 एवं एचटी में 48 करोड़ कुल 181 करोड़ रूपए जमा करना है, इस अनुपात में शहर से रोज 6 करोड़ से ज्यादा राशि जमा होना चाहिए। इंदौर रीजन से करीब पांच सौ करोड़ रूपए का राजस्व एकत्रण होना चाहिए। इसके लिए रोज बकायादारों से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कुक्षी, मनावर, बदनावर, राजगढ़, मंडलेश्वर के कार्यपालन यंत्रियों को परफामेंस सुधार के लिए चेताया वहीं बड़वाह, खंडवा शहर के कार्यपालन यंत्री की परफामेंस सुधार के लिए सराहना की। श्री नरवाल ने कहा कि मैंटेनेंस का काम गुणवत्तापूर्ण हो ताकि हमारा लास कम रहे, सामान्य अवस्था में बिजली जाने की शिकायतें न मिले। श्री नरवाल ने मैंटेनेंस कार्यों के लिए अर्थिंग वायर, गिट्टी, फैसिंग, एमई, केपेसिटर, वीसीबी की पर्याप्त उपलब्धता के निर्देश दिए। आदिवासी इलाकों में कई फीडर की लंबाई ज्यादा होने से उन्होंने अधिकतम 25 किमी तक दूरी पर दूसरे फीडर के निर्देश दिए। श्री नरवाल ने कहा कि इंदौर शहर में एक लाख एवं इंदौर क्षेत्र में चार लाख पंचिंग(जमा पर्ची) बढ़ाना होगी, तभी राजस्व पर्याप्त एकत्रित होगा, उपभोक्ताओं को हर माह बिल राशि भरने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी जैसे इलाकों में भी फोटो मीटर रीडिंग का काम कंपनी के एप से करने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को सतुंष्टी मिले, एक ही स्थान पर बैठकर व फर्जी रीडिंग करने की शिकायत न आए।


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