इछावर  एमपी मीडिया पाइंट 

नगर पटेल मिश्रीलाल मुकाती ने बताया की प्राचीनकाल के दौरान स्थानीय चम्पा वाले कुएं से तीन नारियल हवा मे उछाले गए थे उनमे से जो सबसे ज्यादा दूर जाकर जहां गिरा था आज वही स्थल बड़ी होली कहलाता है और इस पवित्र स्थल की विशेषता यह है कि यहां होलिका दहन के लिए कभी भी लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। 
सिर्फ दान किए कंडों से ही होलिका दहन कार्यक्रम संपन्न  होता है।

उक्त स्थल पर होलिका दहन सिर्फ कंडों से किया जाता है यहां लकड़ी का इस्तेमाल पूर्णतः वर्जित है। यह परंपरा प्राचीनकाल से ही चली आ रही है। 

             ब्रह्म मुहूर्त मे हुआ दहन


मंगलवार  को परंपरानुसार सुबह ब्रह्म मुहूर्त मे पं लक्ष्मीनारायण शर्मा के सानिध्य मे पूजा-पाठ के पश्चात नगर पटेल मिश्रीलाल मुकाती द्वारा होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर पं अरविंद त्रिवेदी ,पं राजेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे। नगर मे करीब तीन दर्जन स्थानों पर होलिका दहन किया गया।
पान चौराहा स्थित होलिका दहन के अवसर पर सोनू मकरैया,आदित्य राठी,अनिल गुप्ता,हरीश गुप्ता,रवि गहलोत,कपिल चौहान, नीतेश चौहान आदि उपस्थित रहे।
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