जेल में हवन : 2000 कैदियों ने दी आहुति,
महिला कैदियों ने जेल परिसर में निकाली कलश यात्रा,
प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों में पॉजीटिव एनर्जी लाने के लिए हवन का सहारा
भोपाल, एमपी मीडिया पाइंट
यह सब संभव हो पाया है प्रदेश की राजधानी की भोपाल सेंट्रल जेल में. गायत्री शक्ति पीठ की मदद से जेल में महा हवन का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें हजारों की संख्या में कैदियों ने आहुति दी. भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि गायत्री शक्ति पीठ की तरफ से कैदियों के लिए 108 कुंडली गायत्री हवन का आयोजन किया गया. जेल परिसर के अंदर हवन कुंड बनाए गए, टेंट लगाए गए और हवन की पूरी व्यवस्था की गई. गायत्री परिवार की टीम ने इन व्यवस्थाओं को पूरा किया. इतना ही नहीं गायत्री परिवार की टीम ने 108 हवन कुंड पर दो हजार कैदियों को आहुति देने का मौका दिया. दो घंटे तक चले कार्यक्रम में जेल परिसर गायत्री मंत्र से गूंज उठा.
*कलश यात्रा निकाली*
108 कुंडली हवन से पहले महिला कैदियों द्वारा कलश यात्रा निकाली गई. यह शोभा यात्रा जेल परिसर में निकाली गई. कलश यात्रा के दौरान मौजूद जेल अधीक्षक और उनके अधीनस्थ अफसरों ने विधि विधान के साथ कलश के साथ भगवान की पूजा अर्चना की. इसके बाद गायत्री परिवार की टीम ने हवन को शुरू किया. हवन में कैदियों के साथ जेल स्टाफ ने भी भाग लिया. कैदियों ने मंत्र उच्चारण के साथ अलग-अलग मंत्रों पर आहुति दी. जेल परिसर कुछ समय के लिए धार्मिक नगरी में तब्दील हो गई. पूरे परिसर में मंत्रों की गूंज थी और हवन से निकलने वाले धूंए की धूंध. चारों तरफ मंत्रों के साथ मिलाजुला संगीत सुनाई दे रहा था.
*पॉजिटिव एनर्जी के लिए हवन*
जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि जेल के अंदर और कैदियों में पॉजिटिव एनर्जी के लिए हवन किया गया. गायत्री शक्ति पीठ ने इस हवन के लिए अनुमति ली थी. वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति के बाद 108 कुंडली महाहवन किया गया. इस तरह के हवन करने से कैदियों के मन को शांति मिलती है औरी उनमें नई ऊर्जा आती है. इतना ही नहीं माहौल में भी शांति आती है. कैदियों की भावना भी बदलती है और उन्हें अच्छा लगता है. उन्होंने बताया कि जेल परिसर में समय-समय पर कैदियों के लिए कई तरह के आयोजन किए जाता हैं. यह आयोजन कैदियों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए कई हद तक कारगर साबित होते हैं.
महिला कैदियों ने जेल परिसर में निकाली कलश यात्रा,
प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों में पॉजीटिव एनर्जी लाने के लिए हवन का सहारा
भोपाल, एमपी मीडिया पाइंट
यह सब संभव हो पाया है प्रदेश की राजधानी की भोपाल सेंट्रल जेल में. गायत्री शक्ति पीठ की मदद से जेल में महा हवन का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें हजारों की संख्या में कैदियों ने आहुति दी. भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि गायत्री शक्ति पीठ की तरफ से कैदियों के लिए 108 कुंडली गायत्री हवन का आयोजन किया गया. जेल परिसर के अंदर हवन कुंड बनाए गए, टेंट लगाए गए और हवन की पूरी व्यवस्था की गई. गायत्री परिवार की टीम ने इन व्यवस्थाओं को पूरा किया. इतना ही नहीं गायत्री परिवार की टीम ने 108 हवन कुंड पर दो हजार कैदियों को आहुति देने का मौका दिया. दो घंटे तक चले कार्यक्रम में जेल परिसर गायत्री मंत्र से गूंज उठा.
*कलश यात्रा निकाली*
108 कुंडली हवन से पहले महिला कैदियों द्वारा कलश यात्रा निकाली गई. यह शोभा यात्रा जेल परिसर में निकाली गई. कलश यात्रा के दौरान मौजूद जेल अधीक्षक और उनके अधीनस्थ अफसरों ने विधि विधान के साथ कलश के साथ भगवान की पूजा अर्चना की. इसके बाद गायत्री परिवार की टीम ने हवन को शुरू किया. हवन में कैदियों के साथ जेल स्टाफ ने भी भाग लिया. कैदियों ने मंत्र उच्चारण के साथ अलग-अलग मंत्रों पर आहुति दी. जेल परिसर कुछ समय के लिए धार्मिक नगरी में तब्दील हो गई. पूरे परिसर में मंत्रों की गूंज थी और हवन से निकलने वाले धूंए की धूंध. चारों तरफ मंत्रों के साथ मिलाजुला संगीत सुनाई दे रहा था.
*पॉजिटिव एनर्जी के लिए हवन*
जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने बताया कि जेल के अंदर और कैदियों में पॉजिटिव एनर्जी के लिए हवन किया गया. गायत्री शक्ति पीठ ने इस हवन के लिए अनुमति ली थी. वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति के बाद 108 कुंडली महाहवन किया गया. इस तरह के हवन करने से कैदियों के मन को शांति मिलती है औरी उनमें नई ऊर्जा आती है. इतना ही नहीं माहौल में भी शांति आती है. कैदियों की भावना भी बदलती है और उन्हें अच्छा लगता है. उन्होंने बताया कि जेल परिसर में समय-समय पर कैदियों के लिए कई तरह के आयोजन किए जाता हैं. यह आयोजन कैदियों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए कई हद तक कारगर साबित होते हैं.


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