गए थे रोजगार की तलाश मे बेंगलुरु, लोटे पैदल थके-हारे परेशान होकर बुधनी,
सीहोर,  एमपी मीडिया पाइंट 

बुधनी क्षेत्र 8 नौजवान रोजगार की तलाश मे बेंगलूरु गए हुए थे। तलाश पूरी होती इसके पूर्व ही लाकडाउन हो गया। 18 से 22 वर्ष आयु के यह 8 नौजवान बुधनी के लिए पैदल चल दिए और जैसे तेसे अब मुकाम लग सके। युवकों ने लोगों के सांथ आप-बीती साझा की।
युवकों ने बताया कि बैंगलुरू से ग्वालियर का रास्ता तो उन्होंने पूरी तरह पैदल ही तय किया लेकिन ग्वालियर से कुछ-कुछ सफर मे हमारी मदद ट्रक वालों ने की और उन्होंने ही भोजन-पानी की भी व्यवस्था की। जैसे-तेसे मुकाम लगकर हम बेहद खुशी महसूस कर रहे हैं। हमारी यात्रा की खासबात यह रही कि हमने कोरोना वायरस से बचने के निर्देशों का पूर्ण पालन किया यहा तक कि आठों ही व्यक्ति हम एक निश्चित दूरी बनाकर चलते रहे। 

बेंगलुरु से ग्वालियर तक पैदल यात्रा तकरीबन 18 वर्ष से 22 वर्ष तक के 8 युवा जब बुधनी पहुंचे तो उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई लाचार भूख से बेहाल रोटी रोजगार की तलाश में बेंगलुरु गए थे लेकिन महामारी के चलते लॉक डाउन हुआ पूर्ण रोजगार की बंद हो गया मजबूरी थी घर वापस जाना बीच में लोगों ने खाने पीने की मदद पर कि कहीं पर भी रहे कभी ट्रक ड्राइवरों ने कोई दूरी तक साथ दिया तो कहीं लंबी दूरी पैदल ही तय की बुधनी पहुंचने पर उन्हें खाने के पैकेट देकर ट्रक पर बैठाकर रवाना किया।
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