20लाख करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा

पैकेज के नियम शर्तो की जानकारी वित्त मंत्री अलग से और विस्तार से देंगी

लॉक डाउन 4.0 की जानकारी 18 मई से पहले

नई दिल्ली, एमपी मीडिया पाइंट 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोरोना संकट के दौरान पांचवीं बार राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे। जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था कि लॉक डाउन 4.0 में देश  की पटरी से उतरी अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए सरकार के कदमों की जानकारी देंगे। और उन्होनें 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा कर हर वर्ग को राहत पहुंचाने का संदेश दिया। 
चार महीने से ज्यादा समय बीता और 42 लाख लोग प्रभावित हुए। भारत ने भी अपने नागरिक खोये। एक वायरस ने दुनिया को तहस नहस कर दिया। करोडो जिंदगी संकट का सामना करना पड़ रहा है। न ये देखा और न सुना... ये मानव के लिए अकल्पनीय है लेकिन थकना हारना मानव को मंजूर नही है। हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है। संकल्प मजबूत करना होगा जो संकट से ज्यादा विराट होगा। इक्कीसवीं सदी भारत की है। दुनिया को देख रहे हैं भारत के नजरिये से तो ये हमारा सपना नहीं जिम्मेदारी भी है। 
इसका एक मार्ग है आत्म निर्भर भारत.... नान्या पंथा विध्यते नाय.... इसके अलावा कोई रास्ता नही है। यही संदेश हमें पकड़ना है। पीपीई की एक भी किट नहीं बनती थी अब लाखों में बन रही है। भारत ने आपदा को अवसर में बदला है। यह प्रभावी सिद्ध होने वाली है। विश्व में आत्म निर्भरता की परिभाषा बदल रही है। भारत का मूल भूत चिंतन आशा की किरण नजर आता है। जो संसार को एक परिवार मान कर चलता है। सुख, सहयोग और शांति की चिंता करती है। जो धरती को माँ मानती हो, वो भारत भूमि आत्म निर्भर बनती है तो विश्व की प्रगति को अपने में समाहित करता है। भारत का असर दुनिया पर पड़ता है। सोलर सिस्टम और योग भारत की संसार को देन है। जीवन और मौत की लड़ाई में भारत की दवाएं विश्वास की मानी जाती हैं। मानव जाति के कल्याण के भारत दुनिया को कुछ दे सकता है। अतीत में भी कल्याण के मार्ग पर चला है। गुलामी में जकड़ कर विकास के लिए देश तरस गया। 
इस सदी की शुरुआत में y 2 के वायरस से दुनिया को निजात दिलाई थी। अब भारत नये सिरे से अपनी व्यवस्था को दुरुस्त कर आगे बढ़ेगा। यह करके दिखाना ही होगा। कच्छ के भूकंप का जिक्र कर संकल्प शक्ति को याद दिलाया। आज चाह भी है और राह भी है....। ये है भारत को आत्म निर्भर बनाना...। इसके लिए निम्न पांच पिलर जरूरी है। 
ईकोनॉमि
इन्फास्टट्रकचर्
सिस्टम 
डेमोक्रेसी 
डिमांड
सप्लाई चेन को मजबूत बनाना जरूरी है। इन पांच पिलर से आत्म निर्भर बना जा सकेगा। कोरोना संकट का सामना करते हुए आर्थिक पैकेज की घोषणा की। बीस लाख करोड़ रुपये का है जो जीडीपी का दस प्रतिशत है। आर्थिक संबल मिलेगा जो 2020 में आत्म निर्भर अभियान को नई गति देगा। लैंड, लेबर और लॉ पर बल दिया गया है। ये एम एस एम ई के लिए है। जिनमें मजदूर , किसान, मध्यम वर्ग, उद्योग जगत, के लिए है। वित्त मंत्री इसकी विस्तार से जानकारी देंगे। बीते छः सालों में भारत की व्यवस्था अधिक सक्षम हुई है। जिससे मदद का पैसा पूरा का पूरा जरूरतमंद तक पहुँच रहा है। मजबूत वित्तीय व्यवस्था के लिए यह पैकेज है जो मेक इन इंडिया के सपने को पूरा करेगा। इसमे अनेक प्रावधान किये गए हैं जो हर सेक्टर को मजबूत करेगा। 
गरीबो की संघर्ष और संयम की शक्ति का दर्शन भी इस दौरान हुआ है। उन्होंने बहुत कष्ट झेले हैं। अब हमारा काम है उन्हें मजबूत बनाना। उन सभी तबकों का इस पैकेज में ध्यान रखा गया है। लोकल का महत्व भी इस संकट ने बखूबी समझाया है। समय ने सिखाया है लोकल को जीवन मंत्र बनाया जाए। लोकल से ग्लोबल की तरफ बढ़ने का अवसर है। लोकल के लिए बोकल् बनने का आवाहान किया है। मैंने जो आग्रह किया उसको आपने पालन कर मुझे गर्वित किया है। कोरोना लंबे समय तक हमारे जीवन का हिस्सा बनेगा लेकिन अपने लक्ष्यों को दूर नही होने देंगे। 4. 0 लॉक डाउन नये रंग रूप वाला होगा। 18 मई से पहले आपको पूरी जानकारी दी जायेगी। आत्म निर्भरता संतोष और सुख देती है। ये नूतन प्रण भी है नूतन उत्सव भी। कौशल की पूंजी से यह रास्ता आसान है। आत्म निर्भर बनना है... इसी संकल्प के साथ बहुत बहुत धन्यवाद।
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