लेखिका
जब मै ना रहूं
**********जब लिखना तुम कहानी अपनी ।
मेरी जिंदगी का सफर को भी लिखना ।।
अपनी जब भी बेताबी को लिखना ।
मेरे चेहरे की मायूसी को मत भूलना ।।
अपनी राहों के कांटे जब भी गिन्ना ।
मेरे पांव के छालों को भी लिखना ।।
जब तुम अपनी अच्छाई को लिखना ।
मेरी वफा की सच्चाई को भी लिखना ।।
अपनी जब उदासी लिखना
मेरी पत्थराई आंखो को मत भूलना ।।
जब तुम अपनी तन्हाई को लिखना ।
हर पल बनी तेरी मै परछाई को भी लिखना ।।
अपनो का जब भी तुम जिक्र को लिखना ।
सभी ने ठुकराया है मुझको ये मत भूलना ।।
जब भी तुम अपने मंजिल को लिखना ।
मेरे बिखरे हुए ख्वाबो को भी लिखना ।।
जब भी तुम अपनी मुश्किलो को लिखना ।
मेरे बूलंद इरादे भी लिखना ।।
जब भी तुम अपनी कहानी लिखना ।
मै हर कदम साथ ही ये भी लिखना ।।


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