लेखिका
अपनी इच्छाशक्ति से अपने आप को मजबूत बनाए और वह काम करने के लिए आगे बढ़े जिससे आप डरते हो । आप पाएंगे कि वह चीज जिससे आप डरते थे उतनी मजबूत नही है, जितनी वह दिखाई पड़ती है । जब कोई व्यक्ति अपने अंदर चुपचाप यह संकल्प कर लेता है, कि उनके लिए कुछ भी असंभव नही है, तो उसके भय उसे स्वयं ही मुक्त कर देता है ।
इस इच्छाशक्ति की अहमियत समझने की आवश्यकता है । क्योंकि हममें से अधिकांश लोग कि इच्छाशक्ति बेहद कमजोर है । लेकिन उपयोग के द्वारा इसे मजबूत किया जा सकता है , इसलिए इसका उपयोग तत्काल सुरू कर देना चाहिए ।
आपके अंदर साहस की भावना का संचार होने के बाद आप पाएंगे कि आप उससे कही शक्तिशाली हैं, जितना आप स्वयं को मानते है । आप जितना प्रभावी तरीके से अपने दिन चर्या मे जगह देते जाएगे उतने ही अनुपात मे आपके अंदर भय का नाश -और आत्मविश्वास मे वृद्धि होगी ।
पहले साहस से विचार करने का अभ्यास करें , और दूसरा अभ्यास के साथ काम करने का प्रयास करे । इससे दुसरी आध्यात्मिक शक्तियों मे वृद्धि होगी । और आप अपने भय पर नियंत्रण स्थापित करने मे कामयाब हो जाएंगे ।
आत्मविश्वास
*********अपनी इच्छाशक्ति से अपने आप को मजबूत बनाए और वह काम करने के लिए आगे बढ़े जिससे आप डरते हो । आप पाएंगे कि वह चीज जिससे आप डरते थे उतनी मजबूत नही है, जितनी वह दिखाई पड़ती है । जब कोई व्यक्ति अपने अंदर चुपचाप यह संकल्प कर लेता है, कि उनके लिए कुछ भी असंभव नही है, तो उसके भय उसे स्वयं ही मुक्त कर देता है ।
इस इच्छाशक्ति की अहमियत समझने की आवश्यकता है । क्योंकि हममें से अधिकांश लोग कि इच्छाशक्ति बेहद कमजोर है । लेकिन उपयोग के द्वारा इसे मजबूत किया जा सकता है , इसलिए इसका उपयोग तत्काल सुरू कर देना चाहिए ।
आपके अंदर साहस की भावना का संचार होने के बाद आप पाएंगे कि आप उससे कही शक्तिशाली हैं, जितना आप स्वयं को मानते है । आप जितना प्रभावी तरीके से अपने दिन चर्या मे जगह देते जाएगे उतने ही अनुपात मे आपके अंदर भय का नाश -और आत्मविश्वास मे वृद्धि होगी ।
पहले साहस से विचार करने का अभ्यास करें , और दूसरा अभ्यास के साथ काम करने का प्रयास करे । इससे दुसरी आध्यात्मिक शक्तियों मे वृद्धि होगी । और आप अपने भय पर नियंत्रण स्थापित करने मे कामयाब हो जाएंगे ।


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