लेखिका
प्यार की दास्तां लिखूं
तो महकती है कलम।।
दर्द की कराहट लिखूं
तो सिसकती है कलम।।
सौन्दर्य की दिलकशी लिखूं
तो कसमसाती है कलम ।।
वीर , वीरांगनाओं , शहीदों
की वीरता, शहादत लिखूं
तो इतराती है कलम ।।
वहशीपन, दरिंदगी ,आंतकवाद
की शर्मिंदगी लिखूं
तो सुलगती है कलम ।।
न करो टुकड़े दिलों को
मज़हबी तलवारों से
न जलाओ देश को
नफरत की चिंगारियों से
करती अर्ज ये कलम।।
हो सुकुन , अमन, हँसी
ही बस हर घर आंगन
आँख न हो कोई नम
करती दुआ ये कलम ।।
करती दुआ ये कलम।।
"अहसास ए अल्फाज़", "भाव सरिता", "यादें कुछ खट्टी कुछ मीठी", "कथा सेतु"
,"खामोशियाँ", "तड़प","बोलते एहसास", "खामोश एहसास", "मन के मनके","निबौरी" नामक एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।
साझा पुस्तकों में 37 काव्य संग्रह,6 कहानी,2समीक्षा,1विचार मंथन संकलन का प्रकाशन हो चुका हैं। आप की रचनाएँ राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं। आपको 75 से ऊपर सम्मान प्राप्त हो चुके है। आपका एम पी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
" कलम"
-----------प्यार की दास्तां लिखूं
तो महकती है कलम।।
दर्द की कराहट लिखूं
तो सिसकती है कलम।।
सौन्दर्य की दिलकशी लिखूं
तो कसमसाती है कलम ।।
वीर , वीरांगनाओं , शहीदों
की वीरता, शहादत लिखूं
तो इतराती है कलम ।।
वहशीपन, दरिंदगी ,आंतकवाद
की शर्मिंदगी लिखूं
तो सुलगती है कलम ।।
न करो टुकड़े दिलों को
मज़हबी तलवारों से
न जलाओ देश को
नफरत की चिंगारियों से
करती अर्ज ये कलम।।
हो सुकुन , अमन, हँसी
ही बस हर घर आंगन
आँख न हो कोई नम
करती दुआ ये कलम ।।
करती दुआ ये कलम।।
.....मीनाक्षी सुकुमारन नोएडा
-------------परिचय
डॉ मीनाक्षी सुकुमारन , नोएडा, नई दिल्ली में निवासरत हैं। आप हिंदी और इंग्लिश दोनो भाषाओं में मास्टर डिग्री प्राप्त हैं। साहित्य सेवा में निरंतर प्रयासरत हैं। आपके"अहसास ए अल्फाज़", "भाव सरिता", "यादें कुछ खट्टी कुछ मीठी", "कथा सेतु"
,"खामोशियाँ", "तड़प","बोलते एहसास", "खामोश एहसास", "मन के मनके","निबौरी" नामक एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।
साझा पुस्तकों में 37 काव्य संग्रह,6 कहानी,2समीक्षा,1विचार मंथन संकलन का प्रकाशन हो चुका हैं। आप की रचनाएँ राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं। आपको 75 से ऊपर सम्मान प्राप्त हो चुके है। आपका एम पी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।


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