लापरवाही से भीग गया गेहूँ
शिवराजसिंह राजपूत,इछावर
एमपी मीडिया पाइंट
जिम्मेदारों की लापरवाही से बारिश में भीग गया हजारों क्विंटल गेहूं , किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं की हजारों क्विंटल उपज लापरवाही की भेंट चढ़ गई। दरअसल जिम्मेदारों ने खरीदी गई उपज को समय रहते भंडारित कराने के बजाए खुले में भगवान भरोसे छोड़ दिया था।
जिससे अन्न का राजा जिसे पेट मे जाना था वह लापरवाही की भेंट चढ़ गया।बीती रात हुई बारिश से सरकार का बेहिसाब नुकसान हुआ है।
इछावर,आष्टा, जावर,मुख्यालय स्थित उपार्जन केंद्र सहित पूरे जिले में लापरवाही के कारण शासन के गेहूँ भीग गए। लापरवाही का आलम यही रहा तो यह उपज सड़कर नष्ट हो जाएगी। अधिकारी गलती मानने के बजाय एक-दूसरे पर पल्ला झाडऩे मे लगे हैं। उपार्जन केंद्रों में खरीदी गई उपज को गोदामों तक परिवहन कराने का काम धीमी गति से चल रहा है। बड़ी मात्रा में उपज भीगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही
उपार्जन केंद्रों में उपज की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होती है। खरीदी गई उपज को बारिश में भीगने के लिए छोड़ दिया है।
एमपी मीडिया पाइंट ने दो दिन पहले शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था लेकिन उसकी आवाज नक्कारखाने मे तूती की आवाज साबित हुई। जिसका नतीजा आज सामने है। अब तो समय से आंख मिलाना ही होगा, यह तुम्हारी मजबूरी है।
एमपी मीडिया पाइंट
जिम्मेदारों की लापरवाही से बारिश में भीग गया हजारों क्विंटल गेहूं , किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं की हजारों क्विंटल उपज लापरवाही की भेंट चढ़ गई। दरअसल जिम्मेदारों ने खरीदी गई उपज को समय रहते भंडारित कराने के बजाए खुले में भगवान भरोसे छोड़ दिया था।
जिससे अन्न का राजा जिसे पेट मे जाना था वह लापरवाही की भेंट चढ़ गया।बीती रात हुई बारिश से सरकार का बेहिसाब नुकसान हुआ है।
इछावर,आष्टा, जावर,मुख्यालय स्थित उपार्जन केंद्र सहित पूरे जिले में लापरवाही के कारण शासन के गेहूँ भीग गए। लापरवाही का आलम यही रहा तो यह उपज सड़कर नष्ट हो जाएगी। अधिकारी गलती मानने के बजाय एक-दूसरे पर पल्ला झाडऩे मे लगे हैं। उपार्जन केंद्रों में खरीदी गई उपज को गोदामों तक परिवहन कराने का काम धीमी गति से चल रहा है। बड़ी मात्रा में उपज भीगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
सुरक्षा में लापरवाही
उपार्जन केंद्रों में उपज की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होती है। खरीदी गई उपज को बारिश में भीगने के लिए छोड़ दिया है।
एमपी मीडिया पाइंट ने दो दिन पहले शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था लेकिन उसकी आवाज नक्कारखाने मे तूती की आवाज साबित हुई। जिसका नतीजा आज सामने है। अब तो समय से आंख मिलाना ही होगा, यह तुम्हारी मजबूरी है।


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