रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  ने पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर सैन्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीन के साथ 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक सीमा (LAC) पर तैनात सशस्त्र बलों को किसी भी चीनी के आक्रामक व्यवहार का जवाब देने के लिए पूरी छूट दी गई है.

तीनों क्षेत्रों में बढ़ाई जाए नगरानी

पीटीआई न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक दौरान शीर्ष सैन्य अधिकारियों को जमीनी सीमा, हवाई क्षेत्र और समुद्री लेन में चीन हर गतिविधि पर सख्त नजर रखने के लिए कहा गया है.

बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDC) जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat), आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाने, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भाग लिया.
सेना ने किया ROE में बदलाव का फैसला

एक दिन पहले ही हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सामने आया था कि गलवान घाटी में LAC पर हिंसक झड़प के बाद भारतीय सेना रूल्स ऑफ इंगेजमेंट (ROE) में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है. इसके एक दिन बाद ही यह बात सामने आई है.

सैनिकों मिलेगी पूरी छूट

रिपोर्ट में दो अधिकारियों के हवाले से कहा गया इस ROE में बदलाव के बाद सीम पर जवानों को ऐसी किसी स्थिति निपटने के लिए पूरी छूट दे दी जाएगी. एक अधिकारी ने बताया, 'चीन की इस क्रूर कार्रवाई के बाद ही ROE में बदलाव का फैसला
किया गया है. इसके बाद कुछ भी नहीं है जो भारती सैनिकों की क्षमता को सीमित करता हो.'

बता दें कि भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में पिछले छह हफ्तों से गतिरोध जारी हैं. 15 जून को गालवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवानों के शहीद होने और 76 सैनिकों के घायल होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया है.
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