नगर स्वच्छता अभियान बना महज दिखावा, झूटी वाहवाही लूटने में लगा प्रशासन । गन्दगी से लबरेज है आज भी शहर
दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट
स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन इन दिनों शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की अलख जगा रहे है । कागजो में चल रहे इस खेल की हकीकत देखे ,तो आलम कुछ और ही दिखाई दे रहा है , ओर अधिकारी जिस तरह से अपनी पीठ स्वयं थप थपा रहे है ,इसे देखर आश्चर्य हो रहा है नगरपालिका की उदासीनता की कहानी शहर में फैली गंदगी स्वंय बता रही है ।
शहर में इन दिनों सफाई अभियान चलाया जा रहा है , पूरा स्तानीय प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन अपनी कर्तव्य निष्ठता का नगाड़ा बजाते हुए स्वयं अपनी पीठ थपथपा रहा है । जबकि हकीकत यह है कि
नगर के भीतर कई दिनों से नही हुई साफ सफाई ,गंदगी के ढेर बीच शहर में अनेको जगह रोज देखे जा सकते है । शहर में फैली गंदगी से अनेको प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है , बीचो बीच शहर में बनी कई कचरा अड्डिया दोपहर तक गंदगी से ओर कचरे से भरी रहती है ।इस कारण आम नागरिकों का वहाँ से निकलना दूभर रहता है ।नगर में सफाई अभियान के तहत झाडू लगाकर साफ सफाई करते हुए फोटो आप इन दिनों अखबारों और सोशल मीडिया पर देख सकते है ।दरअसल सफाई व्यवस्था के नाम पर झूठी वाहवाही बटोरी जा रही है।
लिहाजा शहर के कई क्षेत्रों में तीन से चार दिन हो गए लेकिन सफाई नही की जा रही है। गंदगी के ढेर लगे हुए है बदबू आ रही है रहवासी परेशान हो रहे है लेकिन प्रशासन या नगरपालिका का इस और कोई ध्यान नही है
और सफाई व्यवस्था के नाम पर अपने नंबर बढ़ाने का प्रयास कर रहे बताए जाते हैं।
नगर पालिका द्वारा पूरे शहर से घर घर कचरा संग्रहन के लिए लाखों रुपया हर माह खर्च कर रही है ओर कचरा संग्रहन के लिए गाड़ियां लगाई हुई हैं ।
पर आजतक किसी ने यह नही देखा कि गाड़िया शहर के मोहल्लों में जा भी रही है या नहीं। वर्षो से नपा का एक चर्चित कर्मचारी ही इस व्यवस्था को देखता है। इससे ऐसा लगता है कि यह कर्मचारी नपा ऑफिस में जिस तरह की हिटलरशाही चला कर स्वार्थ पूर्ति करता है , ठीक उसी तरह कचरे के संग्रहण में भी अपना हित न साधता हो विश्वास नही होता ।इसी लिए सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है । इस समय जबकि महामारी का प्रकोप चारो तरह फैला हुआ है और आष्टा शहर भी इसके जाल में पूरी तरह से फस चुका है , अब भी नपा प्रशासन अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने के बजाय सफाई के नाम पर झूठी वाह वाही लूट रहा है ।
बारिश होते ही शहर का प्रमुख मार्ग बुधवारा पानी की समुचित निकासी नही होने से पूरा पानी से भर जाता है ,पूरे दुकान दर परेशान रहते है पर कोई सुनने वाला नही है , नपा में बैठे नोसिखिये जिम्मेदारों ने शहर के मुख्य नाले भी इतने बेतरतीब बनाये है कि पानी की निकासी ही नही होती ।नाले भी गंदगी से पटे पड़े है । इतने सब के बाद पक्की सड़क पर झाड़ू मात्र लगा देने से शहर साफ और स्वच्छ नही होगा ।अभियान को सार्थक करने के लिए प्रशासन को सूक्ष्म रूप से संज्ञान लेते हुए कार्य को अंजाम देना होगा ।
एक तरफ देश मे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी फैली हुई है तो दूसरी और बीते कुछ दिनों से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है उसके बाद भी बढ़ती गंदगी से लोगों को छुटकारा नहीं मिल सका है।नगर के अंदर साफ सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हुए है बीमारी को निमंत्रण दे रहे है इससे मच्छर उत्पन्न हो रहे है जिसके कारण गंदगी की बदबू और मच्छरों से लोगों का बुरा हाल हो रहा है।वही आगे ध्यान नहीं दिया तो मलेरिया,डेंगू जैसी बीमारी होने का खतरा बन जाएगा ।
केवल मुख्य सड़को की सफाई कर देने से स्वछता अभियान सार्थक नही होगा ।
शहर के आंतरिक स्थलों की साफ सफाई भी होना जरूरी है ।
कचरे संग्रहन की गाड़ियों को पाबंद किया जावे की गाड़ियां हर मोहल्ले, हर वार्ड में रोजाना आवश्यक रूप से जावे ।
ओर हिटलरशाही न करे ।
कचरे गाड़ियों के ड्राइवरों की हिटलरशाही भी मोहल्लों में फेल रही गन्दगी ओर कचरे की ढेरों के कारण है ।
पिछले दिनों अलीपुर में ट्रक पलट जाने से एक युवक की मृत्यु होना, ओर अब स्वछता अभियान, मानो गरीबो पर कहर टूट कर आया ।सैकड़ों परिवार रोजी रोटी से मोहताज हो गए ।फिर चाहे अलीपुर, हो या रेस्टहाउस के सामने , छोटे छोटे दुकान दार जो छोटा मोटा व्यवसाय कर अपने परिवार पाल रहे थे , अतिक्रमण हटाओ मुहिम के शिकार हो गए ।
हैरत आज भी यही हो रही है कि अतिक्रमण मुहिम अब भी कुबेर पतियों का कुछ भी नही बिगाड़ पा रही है , कन्नौद रोड पर आज भी मंडी से भोपाल नाके तक पूरी तरह से अतिक्रमण से पटा पड़ा है ।इतना ही नही पुराने बस स्टैंड के हालात भी यही है आज तक कोई भी पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं कर पाया ।
एमपी मीडिया पाइंट
स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन इन दिनों शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की अलख जगा रहे है । कागजो में चल रहे इस खेल की हकीकत देखे ,तो आलम कुछ और ही दिखाई दे रहा है , ओर अधिकारी जिस तरह से अपनी पीठ स्वयं थप थपा रहे है ,इसे देखर आश्चर्य हो रहा है नगरपालिका की उदासीनता की कहानी शहर में फैली गंदगी स्वंय बता रही है ।
नगर के भीतर कई दिनों से नही हुई साफ सफाई ,गंदगी के ढेर बीच शहर में अनेको जगह रोज देखे जा सकते है । शहर में फैली गंदगी से अनेको प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है , बीचो बीच शहर में बनी कई कचरा अड्डिया दोपहर तक गंदगी से ओर कचरे से भरी रहती है ।इस कारण आम नागरिकों का वहाँ से निकलना दूभर रहता है ।नगर में सफाई अभियान के तहत झाडू लगाकर साफ सफाई करते हुए फोटो आप इन दिनों अखबारों और सोशल मीडिया पर देख सकते है ।दरअसल सफाई व्यवस्था के नाम पर झूठी वाहवाही बटोरी जा रही है।
लिहाजा शहर के कई क्षेत्रों में तीन से चार दिन हो गए लेकिन सफाई नही की जा रही है। गंदगी के ढेर लगे हुए है बदबू आ रही है रहवासी परेशान हो रहे है लेकिन प्रशासन या नगरपालिका का इस और कोई ध्यान नही है
और सफाई व्यवस्था के नाम पर अपने नंबर बढ़ाने का प्रयास कर रहे बताए जाते हैं।
नगर पालिका द्वारा पूरे शहर से घर घर कचरा संग्रहन के लिए लाखों रुपया हर माह खर्च कर रही है ओर कचरा संग्रहन के लिए गाड़ियां लगाई हुई हैं ।
पर आजतक किसी ने यह नही देखा कि गाड़िया शहर के मोहल्लों में जा भी रही है या नहीं। वर्षो से नपा का एक चर्चित कर्मचारी ही इस व्यवस्था को देखता है। इससे ऐसा लगता है कि यह कर्मचारी नपा ऑफिस में जिस तरह की हिटलरशाही चला कर स्वार्थ पूर्ति करता है , ठीक उसी तरह कचरे के संग्रहण में भी अपना हित न साधता हो विश्वास नही होता ।इसी लिए सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है । इस समय जबकि महामारी का प्रकोप चारो तरह फैला हुआ है और आष्टा शहर भी इसके जाल में पूरी तरह से फस चुका है , अब भी नपा प्रशासन अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने के बजाय सफाई के नाम पर झूठी वाह वाही लूट रहा है ।
बारिश होते ही शहर का प्रमुख मार्ग बुधवारा पानी की समुचित निकासी नही होने से पूरा पानी से भर जाता है ,पूरे दुकान दर परेशान रहते है पर कोई सुनने वाला नही है , नपा में बैठे नोसिखिये जिम्मेदारों ने शहर के मुख्य नाले भी इतने बेतरतीब बनाये है कि पानी की निकासी ही नही होती ।नाले भी गंदगी से पटे पड़े है । इतने सब के बाद पक्की सड़क पर झाड़ू मात्र लगा देने से शहर साफ और स्वच्छ नही होगा ।अभियान को सार्थक करने के लिए प्रशासन को सूक्ष्म रूप से संज्ञान लेते हुए कार्य को अंजाम देना होगा ।
एक तरफ कोरोना, दूसरी और यह गंदगी
एक तरफ देश मे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी फैली हुई है तो दूसरी और बीते कुछ दिनों से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है उसके बाद भी बढ़ती गंदगी से लोगों को छुटकारा नहीं मिल सका है।नगर के अंदर साफ सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हुए है बीमारी को निमंत्रण दे रहे है इससे मच्छर उत्पन्न हो रहे है जिसके कारण गंदगी की बदबू और मच्छरों से लोगों का बुरा हाल हो रहा है।वही आगे ध्यान नहीं दिया तो मलेरिया,डेंगू जैसी बीमारी होने का खतरा बन जाएगा ।
गन्दा पानी मिल रहा पार्वती में
नपा प्रशासन सहित पूरा स्थानीय प्रशासन की जानकारी में है , की किले एरिये का पूरा गन्दा पानी बहुत समय से पार्वती नदी में मिल रहा है , लेकिन आज तक भी इस गम्भीर समस्या को हल नही कर रहा है , ब मजबूरी शहर वासी नलों से आ रहे इसी गन्दे पानी का उपयोग कर रहे है ।केवल मुख्य सड़को की सफाई कर देने से स्वछता अभियान सार्थक नही होगा ।
शहर के आंतरिक स्थलों की साफ सफाई भी होना जरूरी है ।
कचरे संग्रहन की गाड़ियों को पाबंद किया जावे की गाड़ियां हर मोहल्ले, हर वार्ड में रोजाना आवश्यक रूप से जावे ।
ओर हिटलरशाही न करे ।
कचरे गाड़ियों के ड्राइवरों की हिटलरशाही भी मोहल्लों में फेल रही गन्दगी ओर कचरे की ढेरों के कारण है ।
अतिक्रमण में हो रही ज्यादती
पिछले दिनों अलीपुर में ट्रक पलट जाने से एक युवक की मृत्यु होना, ओर अब स्वछता अभियान, मानो गरीबो पर कहर टूट कर आया ।सैकड़ों परिवार रोजी रोटी से मोहताज हो गए ।फिर चाहे अलीपुर, हो या रेस्टहाउस के सामने , छोटे छोटे दुकान दार जो छोटा मोटा व्यवसाय कर अपने परिवार पाल रहे थे , अतिक्रमण हटाओ मुहिम के शिकार हो गए ।
हैरत आज भी यही हो रही है कि अतिक्रमण मुहिम अब भी कुबेर पतियों का कुछ भी नही बिगाड़ पा रही है , कन्नौद रोड पर आज भी मंडी से भोपाल नाके तक पूरी तरह से अतिक्रमण से पटा पड़ा है ।इतना ही नही पुराने बस स्टैंड के हालात भी यही है आज तक कोई भी पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं कर पाया ।


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