यूपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के पिता रामकुमार दुबे का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया। राम कुमार दुबे का निधन कानपुर देहात के शिवली में उनकी बेटी के घर में हुआ।
बताया जा रहा है कि अपने बेटे की मौत के बाद गहरे सदमे में थे और उन्होंने भोजन- पानी सब छोड़ दिया था।
दो जुलाई की रात में विकास दुबे और उसके गुर्गों द्वारा एक डीएसपी सहित 8 पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। कथित रूप से हमलावरों ने गिरफ्तारी के लिए आ रहे पुलिस दल का रास्ता बिकरू गांव में बुलडोजर खड़ा कर के बंद कर दिया गया था। रात के अंधेरे में अचानक हुए हमले में पुलिस पार्टी को संभलने का मौका ही नहीं मिला था और पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी थी।
इस घटना में सीओ का पैर भी काट दिया गया था। विकास दुबे के घर की छत से हुए हमले में एक नागरिक सहित सात अन्य घायल हो गए थे।
तब ये कहा था पिता ने
विकास दुबे 10 जुलाई को उस समय एक मुठभेड़ में मारा गया था जब उज्जैन से कानपुर ले आ रही पुलिस टीम की पकड़ से विकास दुबे ने असलहा छीन कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने दावा किया था कि दरिंदे ने भागुती इलाके में घटनास्थल से भागने की कोशिश की थी।
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विकास दुबे के मारे जाने पर उसके पिता ने मीडिया से कहा था ऐसे अपराधी का ये अंत होना ही था। लेकिन अपने पुत्र की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सके और विकास दुबे के मौत की सूचना मिलने के बाद भोजन पानी लेना बंद कर दिया था। वह पहले से ही फालिज के शिकार थे।
कानपुर कांड ने कई सबक शास्त्रानुकूल सिखाये हैं यह सबसे बढ़िया बात है।


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