दिन दहाड़े हुई लाखो की लूट को हुए 3 दिन हो गए पुलिस अब भी खाली हाथ ।प्रयास हो रहे निष्फल ।
आष्टा/दिनेश शर्मा
एमपी मीडिया पाइंट
बीते सोमवार को आष्टा से 8 किलोमीटर दूर इंदौर भोपाल मुख्य हाइवे पर सेंडोखेड़ी जोड़ पर हुई लगभग 10 लाख की लूट आज भी पुलिस के लिए चुनोती बनी हुई है । पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों से जरा भी सुराग नही लग रहा है ।, जिला पुलिस प्रशासन जहाँ आष्टा में डेरा जमाए हुए है वही दर्जनों पुलिस की टीम बना कर सभी दिशाओं में खोज बीन की जा रही है ।घटना वाले दिन घटना की गम्भीरता को देखते हुए राजधानी भोपाल से डी आई जी संजय तिवारी ने भी घण्टो रुक कर घटना स्थल का निरीक्षण कर थाने पहुच आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।किन्तु 3 दिन हो गए पुलिस अब भी खाली होकर शून्य की स्थिति में ही खड़ी है ।
आपको बता दे कि बीते सोमवार याने 6 जुलाई को देवास भोपाल टोल कॉरिडोर का कलेक्शन रोजाना की तरह रेडिएंट केश मैनेजमेंट एजेंसी का कर्मचारी अशोक परमार एक काले बेग में 9 लाख 72 हजार रुपये लेकर बाइक mp37 एल आई 1719 से आष्टा कन्नौद रोड पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जमा करवाने की लिए निकलता है कि सेंदौ खेड़ी जोड़ पर पीछे से आये 2 बदमाश जोकि मोटरसायकल पर सवार थे।
उन्होंने डंडे से वार कर रुपयो से भरा बैग छुड़ा कर वापस कोठरी की तरह भाग गए । इस घटना को सड़क पार खड़ा एक व्यक्ति देख भी रहा था पर वह समझ ही नही पाया कि माजरा क्या है ।वह समझता जब तक बदमाश रुपये लूटकर भाग चुके थे ।
चूंकि घटना दिन के 11 :40 बजे के आसपास की थी । इस लिए मुख्य हाईवे पर दिन दहाड़े इतनी बड़ी लूट की घटना होना बहुत बड़ी बात होकर पुलिस की सक्रीयता ओर कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है ।
चूंकि यह जिला मुख्यमंत्री का ग्रह जिला होने से यह बड़ी घटना पुलिस के लिए ओर भी चिंता बड़ा रही है ।
आपको बता दे कि इस बीते सप्ताह में इस घटना के अलावा एक रुपयो से भरा बैग लूटने की घटना ओर भी हो चुकी है ।पूर्व घटना में आष्टा शहर के सबसे व्यस्ततम रोड बुधवारा से एक बालक एक महिला का लगभग 98000 हजार रुपयो से भरा बैग लेकर भाग गया ।यह घटना तो सी सी टीवी कैमरों में कैद भी हो चुकी है किंतु यह घटना भी पुलिस के लिए आज भी सिर दर्द बनी होकर निष्क्रियता का एहसास करा रही है ।
अपराधों का बढ़ती फेहरिस्त ने पुलिस को भारी चिंता में डाल रखा है ,यही कारण है कि राजधानी के पुलिस अफसर को भी इस लाखो की लूट नेचिंता ग्रस्त कर दिया ।और डी आई जी संजय तिवारी तुरन्त घटना वाले दिन ही आष्टा आ गए । ओर घण्टो आष्टा में ही रहे । घटना का अवलोकन ओर विश्लेषण कर सभी को आवश्यक दिशा निर्देश दे गए ।किन्तु आज 3 दिन हो गए पर पुलिस आज भी वही खड़ी है जहाँ घटना दिनाक को थी ।
आपको बता दे कि अब तो मुख्य हाईवे पर लुटेरे इतने सक्रिय हो गए है कि अभी हाल ही में एक वीडियो वायरल हो चल रहा है जिसमे दो मोटरसाइकिल से चल रहे लुटेरे एक भारी वाहन पर रात के अंधेरे में चलती गाड़ी पर चढ़ कर लूट पाट करने का प्रयास करते देखे गए ।किन्तु पुलिस ने इस वीडियो की पड़ताल करना भी आवश्यक नही समझा? जबकि यह वीडियो भी अनेको शोशल साइड पर खूब वायरल हुआ । यही कारण है पुलिस की उदासीनता को अपराधी समझ गए और शहर में दो पहिया वाहन चोरी होना तो आम बात है पर अब तो लूट की घटनाये भी एक के बाद एक होती जा रही है ।
पुलिस की उदासीनता के चलते जिस तरह से दिन दहाड़े लूट पाट की बड़े स्वरूप में घटित हो रही है , उससे अब शहर वासी काफी चिंतित हो कर डरे हुए है ।
ज्ञात रहे आष्टा मंडी के व्यापारी किसानों को उनकी उपज का दाम पूरा नगद भुगतान करता है ।और रोजाना लाखो रुपया मंडी के
व्यापारी बैंकों से नगद निकाल कर मंडी ले जाते है । ऐसे में मंडी के व्यापारी कितने सुरक्षित है अब कह पाना बहुत मुश्किल है ।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जिस तरह पुलिस कर्मियों के दर्जनों टीम बनाकर जो बिसात बिछाई है उससे कब तक सफलता मिलती अभी कार्यप्रणाली को देख कर कहना मुश्किल है ।
एमपी मीडिया पाइंट
बीते सोमवार को आष्टा से 8 किलोमीटर दूर इंदौर भोपाल मुख्य हाइवे पर सेंडोखेड़ी जोड़ पर हुई लगभग 10 लाख की लूट आज भी पुलिस के लिए चुनोती बनी हुई है । पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों से जरा भी सुराग नही लग रहा है ।, जिला पुलिस प्रशासन जहाँ आष्टा में डेरा जमाए हुए है वही दर्जनों पुलिस की टीम बना कर सभी दिशाओं में खोज बीन की जा रही है ।घटना वाले दिन घटना की गम्भीरता को देखते हुए राजधानी भोपाल से डी आई जी संजय तिवारी ने भी घण्टो रुक कर घटना स्थल का निरीक्षण कर थाने पहुच आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।किन्तु 3 दिन हो गए पुलिस अब भी खाली होकर शून्य की स्थिति में ही खड़ी है ।
आपको बता दे कि बीते सोमवार याने 6 जुलाई को देवास भोपाल टोल कॉरिडोर का कलेक्शन रोजाना की तरह रेडिएंट केश मैनेजमेंट एजेंसी का कर्मचारी अशोक परमार एक काले बेग में 9 लाख 72 हजार रुपये लेकर बाइक mp37 एल आई 1719 से आष्टा कन्नौद रोड पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जमा करवाने की लिए निकलता है कि सेंदौ खेड़ी जोड़ पर पीछे से आये 2 बदमाश जोकि मोटरसायकल पर सवार थे।
उन्होंने डंडे से वार कर रुपयो से भरा बैग छुड़ा कर वापस कोठरी की तरह भाग गए । इस घटना को सड़क पार खड़ा एक व्यक्ति देख भी रहा था पर वह समझ ही नही पाया कि माजरा क्या है ।वह समझता जब तक बदमाश रुपये लूटकर भाग चुके थे ।
चूंकि घटना दिन के 11 :40 बजे के आसपास की थी । इस लिए मुख्य हाईवे पर दिन दहाड़े इतनी बड़ी लूट की घटना होना बहुत बड़ी बात होकर पुलिस की सक्रीयता ओर कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है ।
चूंकि यह जिला मुख्यमंत्री का ग्रह जिला होने से यह बड़ी घटना पुलिस के लिए ओर भी चिंता बड़ा रही है ।
आपको बता दे कि इस बीते सप्ताह में इस घटना के अलावा एक रुपयो से भरा बैग लूटने की घटना ओर भी हो चुकी है ।पूर्व घटना में आष्टा शहर के सबसे व्यस्ततम रोड बुधवारा से एक बालक एक महिला का लगभग 98000 हजार रुपयो से भरा बैग लेकर भाग गया ।यह घटना तो सी सी टीवी कैमरों में कैद भी हो चुकी है किंतु यह घटना भी पुलिस के लिए आज भी सिर दर्द बनी होकर निष्क्रियता का एहसास करा रही है ।
अपराधों का बढ़ती फेहरिस्त ने पुलिस को भारी चिंता में डाल रखा है ,यही कारण है कि राजधानी के पुलिस अफसर को भी इस लाखो की लूट नेचिंता ग्रस्त कर दिया ।और डी आई जी संजय तिवारी तुरन्त घटना वाले दिन ही आष्टा आ गए । ओर घण्टो आष्टा में ही रहे । घटना का अवलोकन ओर विश्लेषण कर सभी को आवश्यक दिशा निर्देश दे गए ।किन्तु आज 3 दिन हो गए पर पुलिस आज भी वही खड़ी है जहाँ घटना दिनाक को थी ।
आपको बता दे कि अब तो मुख्य हाईवे पर लुटेरे इतने सक्रिय हो गए है कि अभी हाल ही में एक वीडियो वायरल हो चल रहा है जिसमे दो मोटरसाइकिल से चल रहे लुटेरे एक भारी वाहन पर रात के अंधेरे में चलती गाड़ी पर चढ़ कर लूट पाट करने का प्रयास करते देखे गए ।किन्तु पुलिस ने इस वीडियो की पड़ताल करना भी आवश्यक नही समझा? जबकि यह वीडियो भी अनेको शोशल साइड पर खूब वायरल हुआ । यही कारण है पुलिस की उदासीनता को अपराधी समझ गए और शहर में दो पहिया वाहन चोरी होना तो आम बात है पर अब तो लूट की घटनाये भी एक के बाद एक होती जा रही है ।
पुलिस की उदासीनता के चलते जिस तरह से दिन दहाड़े लूट पाट की बड़े स्वरूप में घटित हो रही है , उससे अब शहर वासी काफी चिंतित हो कर डरे हुए है ।
ज्ञात रहे आष्टा मंडी के व्यापारी किसानों को उनकी उपज का दाम पूरा नगद भुगतान करता है ।और रोजाना लाखो रुपया मंडी के
व्यापारी बैंकों से नगद निकाल कर मंडी ले जाते है । ऐसे में मंडी के व्यापारी कितने सुरक्षित है अब कह पाना बहुत मुश्किल है ।
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जिस तरह पुलिस कर्मियों के दर्जनों टीम बनाकर जो बिसात बिछाई है उससे कब तक सफलता मिलती अभी कार्यप्रणाली को देख कर कहना मुश्किल है ।


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