फसलों में खरपतवार एवं कीटव्याधियों के लिए कृषि विभाग
ने कृषकों को दी आवश्यक सलाह
सीहोर 14 जुलाई,2020
एमपी मीडिया पाइंट
किसान कल्याण तथा कृषि विकास उपसंचालक शिव सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बुताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में बोई जाने वाली फसलों का लक्ष्य 398610 हेक्टर रखा गया है, जिसके विरुद्ध अभी तक 376110 हेक्टर में बोनी हो चुकी है जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। बोई गई फसल में धान 18600, ज्वार 100, मक्का 14500, अरहर 2300, उड़द 2100, मूंग 3200, सोयाबीन 335000, मूंगफली 270 एवं तिल 40 हेक्टर में बोई गई है। बुदनी क्षेत्र में बासमती धान का रकबा शेष है क्षेत्र में रोपा लगाने का कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि सोयाबीन की फसल 20 से 25 दिन की हो चुकी है। इस मुख्य फसल को खरपतवार एवं कीटव्याधि से मुक्त रखने के लिए खरपतवार को डोरा, कुल्पा, हाथ की निंदाई कर नष्ट करें। रासायनिक दवाओं में क्विजेलोफॉस इथाइल या इमेझेथापायर खरपतवारनाशकों का 18-21 दिन की अवस्था में छिड़काव करें। जहां कहीं सोयाबीन में चक्रभंग प्रारंभ होने की संभावना हो या इसके खेत में लक्ष्ण दिखते ही इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए थाईक्लोप्रीड 21.7 एस.सी (750 मिली प्रति हेक्टर) या प्रोफेनोफॉस 50. ई.सी (1250 मिली प्रति हे.) या पूर्व मिश्रित बीटासायफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लोप्रीड (350 मिली प्रति हेक्टेयर) या पूर्व मिश्रित थायोमिथाक्सम + लेम्बड़ा सायहेलोथ्रिन (125 मिली प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
मक्का फसल में फाल आर्मी वर्म के नियंत्रण के लिए एमामेटिन बेन्जाएट एस.जी.5 प्रतिशत 60 ग्राम प्रति एकड़ के मान से छिड़काव करें। कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए।
ने कृषकों को दी आवश्यक सलाह
सीहोर 14 जुलाई,2020
एमपी मीडिया पाइंट
किसान कल्याण तथा कृषि विकास उपसंचालक शिव सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बुताया कि इस वर्ष खरीफ मौसम में बोई जाने वाली फसलों का लक्ष्य 398610 हेक्टर रखा गया है, जिसके विरुद्ध अभी तक 376110 हेक्टर में बोनी हो चुकी है जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। बोई गई फसल में धान 18600, ज्वार 100, मक्का 14500, अरहर 2300, उड़द 2100, मूंग 3200, सोयाबीन 335000, मूंगफली 270 एवं तिल 40 हेक्टर में बोई गई है। बुदनी क्षेत्र में बासमती धान का रकबा शेष है क्षेत्र में रोपा लगाने का कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि सोयाबीन की फसल 20 से 25 दिन की हो चुकी है। इस मुख्य फसल को खरपतवार एवं कीटव्याधि से मुक्त रखने के लिए खरपतवार को डोरा, कुल्पा, हाथ की निंदाई कर नष्ट करें। रासायनिक दवाओं में क्विजेलोफॉस इथाइल या इमेझेथापायर खरपतवारनाशकों का 18-21 दिन की अवस्था में छिड़काव करें। जहां कहीं सोयाबीन में चक्रभंग प्रारंभ होने की संभावना हो या इसके खेत में लक्ष्ण दिखते ही इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए थाईक्लोप्रीड 21.7 एस.सी (750 मिली प्रति हेक्टर) या प्रोफेनोफॉस 50. ई.सी (1250 मिली प्रति हे.) या पूर्व मिश्रित बीटासायफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लोप्रीड (350 मिली प्रति हेक्टेयर) या पूर्व मिश्रित थायोमिथाक्सम + लेम्बड़ा सायहेलोथ्रिन (125 मिली प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
मक्का फसल में फाल आर्मी वर्म के नियंत्रण के लिए एमामेटिन बेन्जाएट एस.जी.5 प्रतिशत 60 ग्राम प्रति एकड़ के मान से छिड़काव करें। कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए।


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