लेखिका
चाहे हमसे तू वफ़ा न कर,
भूल जाने की खता न कर ।।
इश्क में हासिल हुई अजल,
बुझ गये शोले हवा न कर ।।
दर्द नफरत ने दिया सदा,
बेवजह नफरत किया न कर ।।
झूठ सच पहचानना कठिन,
हड़बड़ी में फैसला न कर ।।
क़ामयाबी है मिली तुझे,
आसमां में यूँ उड़ा न कर।।
खास रीनू" की यही अदा,
जान दे दे पर गिला न कर।।
संपादक
चाहे हमसे तू वफ़ा न कर,
भूल जाने की खता न कर ।।
इश्क में हासिल हुई अजल,
बुझ गये शोले हवा न कर ।।
दर्द नफरत ने दिया सदा,
बेवजह नफरत किया न कर ।।
झूठ सच पहचानना कठिन,
हड़बड़ी में फैसला न कर ।।
क़ामयाबी है मिली तुझे,
आसमां में यूँ उड़ा न कर।।
खास रीनू" की यही अदा,
जान दे दे पर गिला न कर।।
रीनू" शर्मा, टोरंटो, कनाडा
---------------परिचय
रीनू शर्मा, टोरोंटो, ओंटारियो, कनाडा में निवास करती हैं। आप वहाँ पर टीचर के रूप में कार्यरत हैं। साथ साहित्य से लगाव होने के साथ आप अपनी लेखनी के माध्यम से साहित्य सेवा में संलग्न हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर हार्दिक स्वागत है।संपादक


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