नर्मदा ब्रिज के हाल अब भी बेहाल,
 सुधार के नाम पर लीपापोती..

होशंगाबाद-बुधनी से योगेश राजपूत की रिपोर्ट 

               यह है पूर्वकाल का दृश्य 

 होशंगाबाद और बुधनी के बीच नर्मदा नदी पर स्थित ब्रिज के हालात अब भी बद से बदतर बने हुए हैं जब-जब मामला मीडिया की सुर्खियां मे आता है तब-तब ब्रिज पर लीपापोती कर दी जाती हैl पुल पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैंl उल्लेखनीय है कि 1967 मे बनाया गया एवं देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर भारत को मध्य, विदर्भ एवं दक्षिण से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग ओबैदुल्लागंज -नागपुर क्रमांक 69 पर होशंगाबाद और बुधनी के बीच स्थित नर्मदा ब्रिज का वर्ष 2018/19 में 15000000 रुपए की लागत से मरम्मत कार्य किया गया था काम के चलते तकरीबन 6 माह तक ब्रिज से भारी वाहनों का प्रवेश निषेध कर दिया गया था काम का जिम्मा संभालने वाले ठेकेदार  सांवरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के अभियंता का कहना था कि पुल पर विदेशी तकनीक एनेमल शीट का इस्तेमाल किया जा रहा है इससे 10 वर्षों तक पुल की सड़क खराब नहीं होगी परंतु इंजीनियर्स के दावे खोखले साबित हुए और पहली बारिश में ही ब्रिज पर कुछ गड्ढे नजर आने लगे थे जिन्हें ठेकेदार ने आनन-फानन में मरम्मत करके छिपा दिया था लेकिन इस बार की बारिश में शत प्रतिशत रुप से ब्रिज की सड़क उखड़ गई है और सीमेंट का आधार स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है ब्रिज पर अधिक बारिश होने की स्थिति में गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे मोटरसाइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं हाल ही में शासन के नुमाइंदों की देखरेख में पुल पर लीपापोती की जा रही है अब देखना होगा कि उनका यह नुस्खा कितने दिन कारगर रहता हैl
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इस पूरे मामले को लेकर पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा का कहना है कि जिम्मा संभालने वाले ठेकेदार और एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए, मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ हैl
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