-मंडी कर्मचारियों ने मंडी गेट बंदकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हुए  लामबंद।
-मंडी मॉडल एक्ट के कर रहे विरोध,
-मांगे नहीं मानी तो हड़ताल रहेगी जारी,
प्रदेश संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर हो रही हड़ताल..


दिनेश शर्मा, आष्टा                       एमपी मीडिया पाइंट


प्रदेश के संयुक्त मोर्चे के बैनर तले मंडी कर्मचारी हुए सरकार के विरुद्ध लामबन्द ।
स्थानीय विधायक को दिया ज्ञापन ।



आष्टा कृषि उपज मंडी कर्मचारियों द्वारा केंद्र सरकार द्वारा मंडी मॉडल एक्ट में जो  बदलाब किया गया है जिससे निजी मंडियों को प्रोत्साहन करने के लिए मंडी कर से मुक्त किया है इस कारण  मंडी परिसर में व्यापारियों का व्यापार  पर असर पड़े न पड़े पर कर्मचारियों का भविष्य  जरूर काला दिखाई दे रहा है  क्योंकि इस नए कानून के बाद   मंडी कर्मचारियों की बेतन भत्ता की आय खत्म ही जाएगी जिससे कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय  हो जाएगा । यही मुख्य वजह है कि पूरे प्रदेश के कर्मचारी अपने सयुक्त मोर्चे के बैनर तले हड़ताल कर रहे है  क्रमशः चल रही हड़ताल में अब  मंडी कर्मचारियों द्वारा विरोध कर मंडी गेट पर ताला बंदी कर हड़ताल  कर रहे है और   बेनर लगाकर अनिश्चित कालीन के  लिए गेट के सामने  लाम्बन्ध हो कर धरना प्रदर्शन कर रहे  है।  कर्मचारियों कि मांग है कि एक्ट में बदलाब कर पूर्व के एक्ट को लागू किया जाये जिसकी हम सरकार से मांग करते है और मांगे नही मानी तो हड़ताल जारी रहेगी
इनका कहना है कि सरकार के  कर्षि मंत्री ने हमे बीते दिनों क्रमश हड़ताल के दौरान हमे आश्वासन दिया था पर  आश्वासन के नाम पर हमारे साथ धोखा हुआ है    नये कानून लागू हो गए है इससे हमारा भविष्य अंधकार में होकर चौपट हो रहा है , हमारी वर्षो के अथक प्रयास से आज मंडियों में रौनक होकर स्वस्थ व6वस्था का संचालन हो रहा है , किसान व्यापारी मजदूर सभी इस व्यवस्था से पूरी तरह से सन्तुष्ट है  अगर हमारी मांगो पर अविलंब सरकार ने विचार नही किया तो हमारी हड़ताल जारी रहेगी और विरोध स्वरूप अगले कदम भी हम उठाएंगे ।



 

अरविंद झंवर लेखपाल,   प्रदेश सँयुक्त मोर्चा कर्मचारी संघ के आष्टा संगठन के प्रमुख सदस्य

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