मंडी रहेगी 3 दिवस बन्द , व्यापारी महासंघ का आव्हान ।
कर्मचारी रहेंगे अनिचीत्कालीन हड़ताल पर ।
मंडी का नीलाम कार्यक्रम रहेगा बन्द, किसानों की होगी फजीहत,
आर-पार की लड़ाई पर उतरे सभी संगठन, ।
मण्डियां होगी पूरी तरह प्रभावित ।
आष्टा/दिनेशशर्मा
एमपी मीडिया पाइंट
एंकर अनाज व्यापारी के पत्र अनुसार 3 सितम्बर से 5 सितंबर तक व्यापारी किसानों का माल नही खरिदेगें । व्यापारी संघ ने मंडी समिति को महासंघ का हवाला देकर दिया पत्र । कार्यालय रहेगा चालू, व्यापारी अपने माल की जावक भी इन तीन दिनों में सुचारू रखेगा ।
किसान उपज विक्रय से रहेगा 3 दिन वंचित । इधर कर्मचारियों का प्रदेश महासंघ 3 सितम्बर को राजधानी में करेगा जंगी प्रदर्शन, कर्मचारियों ने भी भारसाधक अधिकारी को एक ज्ञापन सौपा ।
इस ज्ञापन के मुताबिक प्रदेश के सभी मंडी कर्मचारी/अधिकारी /बोर्ड के कर्मचारी, , व्यापारी, हम्माल, तुलावटी, आदि सभी बड़ी संख्या में विरोध में शामिल होंगे , ओर आज से ही अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे ,
मंडी सचिव आर्य
मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष उपेश राठौर
केंद्रीय सरकार द्वारा किसानों को लेकर मंडी समितियों ओर मंडी बोर्ड के अधिकारों को बहुत कम करते हुए जो नवीन अध्यादेश लागू किया है , उससे कर्मचारियों, अधिकारियों का जिस तरह से इंस्पेक्टर राज बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है , वही मंडी के व्यापारियों को भी अपने व्यापार पर बड़ा खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है,, ओर मंडी की हम्माल , तुलावटी व्यवस्था भी लगभग समाप्त ही हो जावेगी ।व्यापार, व्यवसाय को सुरक्षित रखने के लिए मंडी के व्यापारियों द्वारा जिस तरह से महासंघ के नेतृत्व में किसानों की उपज नही खरीदने हेतु नीलामी बन्द रखने का विरोध किया जा रहा है, उससे व्यापारियों को लाभ मिले या न मिले पर किसानों की फजीहत जरूर इन 3 दिनों में हो सकती है।
जहां तक मंडी प्रशासन का प्रश्न है तो व्यापारी के साथ नीलामी बन्द रखने की बात तो कह रहा है, पर पानी बिजली व अन्य सुविधाएं सुचारू रखने की सहमति बता रहा है , इससे आसानी से आशय लगाया जा सकता है कि मंडी प्रशासन व्यापारी के माल की जावक सुचारू रखेगा । जबकि कर्मचारियों का महासंघ भी आज सरकार जे इस नए मॉडल एक्ट के विरोध में भोपाल में जंगी प्रदर्शन करने जा रहा है इस विशाल प्रदर्शन में व्यापारी , हम्माल तुलावटी बोर्ड के कर्मचारी सभी सामूहिक विरोध करेंगे । इस विरोध में सभी मंडियों के कर्मचारीयो को शामिल होने को कहा गया है , ऐसे में आष्टा कर्मचारी जो कि संगठन विहीन है यह सभी पूर्ण रूप से शामिल होंगे, ? क्योंकि मंडी सचिव परिसर में आवश्यक सेवाएं सुचारू रहने की बात प्रमुखता से कह रहे है , जबकि कर्मचारियों जा प्रदेश महासंघ आज 3 सितम्बर से विरोध स्वरूप मंडियों को अनिश्चितकालीन बन्द रखने की बात कह रहा है , ऐसे में अभी कुछ भी कहना सम्भव नही है , की हड़ताल का ऊँट किस करवट बैठेगा ।
अगर सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से भोपाल विरोध प्रदर्शन में जाते है तो मंडी परिसर के दोनों द्वारों पर आज ताला लगेगा ।यह स्थिति साफ नही है , वही व्यापारी महासंघ जिस तरह से साथ खड़ा होकर अपने तरीके से विरोध कर रहा है और मंडी व्यापारियों के प्रदेश महा संघ ने 3 दिवसीय व्यापारियों की इस हड़ताल कर जो मांगे रखी है , उसमे यह नवीन अध्यादेश का कानून निरस्त हो , मंडी शुल्क मात्र 50 पैसे किया जावे । जिससे कि मण्डिया सुरक्षित रहे , व्यापारी बिचौलिया नही है , बरसो से सरकार को टैक्स के रूप में भारी भरकम राशि देता है । नवीन मॉडल एक्ट समाप्त किया जावे ,
मंडी सचिव आर्य
मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष उपेश राठौर ।
कर्मचारी रहेंगे अनिचीत्कालीन हड़ताल पर ।
मंडी का नीलाम कार्यक्रम रहेगा बन्द, किसानों की होगी फजीहत,
आर-पार की लड़ाई पर उतरे सभी संगठन, ।
मण्डियां होगी पूरी तरह प्रभावित ।
आष्टा/दिनेशशर्मा
एमपी मीडिया पाइंट
एंकर अनाज व्यापारी के पत्र अनुसार 3 सितम्बर से 5 सितंबर तक व्यापारी किसानों का माल नही खरिदेगें । व्यापारी संघ ने मंडी समिति को महासंघ का हवाला देकर दिया पत्र । कार्यालय रहेगा चालू, व्यापारी अपने माल की जावक भी इन तीन दिनों में सुचारू रखेगा ।
किसान उपज विक्रय से रहेगा 3 दिन वंचित । इधर कर्मचारियों का प्रदेश महासंघ 3 सितम्बर को राजधानी में करेगा जंगी प्रदर्शन, कर्मचारियों ने भी भारसाधक अधिकारी को एक ज्ञापन सौपा ।
इस ज्ञापन के मुताबिक प्रदेश के सभी मंडी कर्मचारी/अधिकारी /बोर्ड के कर्मचारी, , व्यापारी, हम्माल, तुलावटी, आदि सभी बड़ी संख्या में विरोध में शामिल होंगे , ओर आज से ही अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे ,
केंद्रीय सरकार द्वारा किसानों को लेकर मंडी समितियों ओर मंडी बोर्ड के अधिकारों को बहुत कम करते हुए जो नवीन अध्यादेश लागू किया है , उससे कर्मचारियों, अधिकारियों का जिस तरह से इंस्पेक्टर राज बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है , वही मंडी के व्यापारियों को भी अपने व्यापार पर बड़ा खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है,, ओर मंडी की हम्माल , तुलावटी व्यवस्था भी लगभग समाप्त ही हो जावेगी ।व्यापार, व्यवसाय को सुरक्षित रखने के लिए मंडी के व्यापारियों द्वारा जिस तरह से महासंघ के नेतृत्व में किसानों की उपज नही खरीदने हेतु नीलामी बन्द रखने का विरोध किया जा रहा है, उससे व्यापारियों को लाभ मिले या न मिले पर किसानों की फजीहत जरूर इन 3 दिनों में हो सकती है।
जहां तक मंडी प्रशासन का प्रश्न है तो व्यापारी के साथ नीलामी बन्द रखने की बात तो कह रहा है, पर पानी बिजली व अन्य सुविधाएं सुचारू रखने की सहमति बता रहा है , इससे आसानी से आशय लगाया जा सकता है कि मंडी प्रशासन व्यापारी के माल की जावक सुचारू रखेगा । जबकि कर्मचारियों का महासंघ भी आज सरकार जे इस नए मॉडल एक्ट के विरोध में भोपाल में जंगी प्रदर्शन करने जा रहा है इस विशाल प्रदर्शन में व्यापारी , हम्माल तुलावटी बोर्ड के कर्मचारी सभी सामूहिक विरोध करेंगे । इस विरोध में सभी मंडियों के कर्मचारीयो को शामिल होने को कहा गया है , ऐसे में आष्टा कर्मचारी जो कि संगठन विहीन है यह सभी पूर्ण रूप से शामिल होंगे, ? क्योंकि मंडी सचिव परिसर में आवश्यक सेवाएं सुचारू रहने की बात प्रमुखता से कह रहे है , जबकि कर्मचारियों जा प्रदेश महासंघ आज 3 सितम्बर से विरोध स्वरूप मंडियों को अनिश्चितकालीन बन्द रखने की बात कह रहा है , ऐसे में अभी कुछ भी कहना सम्भव नही है , की हड़ताल का ऊँट किस करवट बैठेगा ।
अगर सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से भोपाल विरोध प्रदर्शन में जाते है तो मंडी परिसर के दोनों द्वारों पर आज ताला लगेगा ।यह स्थिति साफ नही है , वही व्यापारी महासंघ जिस तरह से साथ खड़ा होकर अपने तरीके से विरोध कर रहा है और मंडी व्यापारियों के प्रदेश महा संघ ने 3 दिवसीय व्यापारियों की इस हड़ताल कर जो मांगे रखी है , उसमे यह नवीन अध्यादेश का कानून निरस्त हो , मंडी शुल्क मात्र 50 पैसे किया जावे । जिससे कि मण्डिया सुरक्षित रहे , व्यापारी बिचौलिया नही है , बरसो से सरकार को टैक्स के रूप में भारी भरकम राशि देता है । नवीन मॉडल एक्ट समाप्त किया जावे ,
मंडी सचिव आर्य
मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष उपेश राठौर ।


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