सीहोर/आष्टा
एमपी मीडिया पाइंट
मजदूरी कर रहे युवक को पार्वती थाने की पुलिस लेकर आ गई, यह किस्सा शनिवार का हैं, इसके बाद पार्वती थाने में जिस प्रकार युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, उसके निशान युवक के शरीर पर स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। युवक अस्पताल मेें चीख-चीखकर कह रहा था,.. मुझे पुलिस के साहब और चार लोगो ने मिलकर पीटा। मेरे शरीर पर पानी डाल डाल कर मारा, मेने चोरी नही की, मेने पार्वती थाने के साहब से हाथ जोड़कर कहा कि मुझे तीन दिन हो गए हैं, मेरी पत्नि और बच्चों से बात करा दो,
परिवार के लोग तीन दिन तक पार्वती थाने के थानेदार प्रवीण जाधव से अनुनय-विनय करते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी। तीन दिन तक थाने में जिस प्रकार आरोपी को बिठाकर रखा हैं, उससे यह तय हो गया हैं कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में पुलिस किस तरह के जुल्म कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में पुलिस को किसने अधिकार दिया कि वे थाने में 24 घंटे से अधिक किसी को रोके। कानून के जानकारों का कहना हैं कि किसी भी हालत में 24 घंटे से अधिक किसी को भी थाने में नहीं रोका जा सकता।
लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जिले में पार्वती थाने की पुलिस इतनी जुल्मी हो गई कि तीन दिन तक ग्राम मूंडला हकीमाबाद के निवासी राधेश्याम पुत्र मोती सिंह मालवीय को न केवल बैंठाकर रखा, बल्कि जमकर मारपीट भी की। जिस प्रकार राधेश्याम ने चीखचीख कर अपनी दास्तान सुनाई हैं उससे वहा मौजूद लोगो के कलेजे हिल गए। इधर राधेश्याम के मामा और पिता आज फिर पार्वती थाने पहुचे लेकिन राधेश्याम से मिलने नही दिया, तो वे दोपहर से ही थाने के बाहर बैठे रहे। इधर शाम को राधेश्याम बैहोश होने लगा तो पुलिस उसे अस्पताल लेकर आई। तबतक शाम के 6 बजे चुके थे और राधेश्याम को अस्पताल ले जाते देख उसके मामा, पिता व अन्य लोग भी अस्पताल पहुचे। अस्पताल में जिस प्रकार राधेश्याम चीख चीख कर पुलिस के द्वारा की गई मारपीट का किस्सा बता रहा था और शरीर पर मौजूद निशान बता रहा था, इस बीच भारी भीड़ अस्पताल में जमा हो गई। यह देख वहा मौजूद पार्वती थाने का थानेदार प्रवीर जाधव भाग निकला। इस बीच स्थिति बिगड़ती उसके पहले वहा मौजूद थानेदार लोकसिंह मरावी और अन्य पुलिस के लोग राधेश्याम को निजी वाहन से सीहोर लेकर चले गए। इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना हैं कि दोषी पुलिस अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।



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