लेखक

 

 

बाादल मस्ती घोले नैनीताल  में .....


बोल    रहा   हूँ   मस्ती    वाली   हिंदी   नैनीताल  में  ll

ढूंढ    रहा   हूँ    इक़   लजीली    बिंदी  नैनीताल  में  ll

पेड़ो  और  पहाड़ों  की  ये  बस्ती  अज़ब  निराली  है ll

खुशबू  भी  आकर    करती   है   कंघी  नैनीताल  में  ll

हिंदी   जैसी   देश   कि  भाषा  जैसे   इसके  ताल  हैं ll

देखी    नही   प्यार    की    मैने   मंदी   नैनीताल   में  ll


लाल दुपट्टा गुलशन  का  वो हरी  चुनरिया  खेतो की  ll

काश !  ऐसी  मिल  जाये   मुझको  बंदी  नैनीताल में  ll


पेड़ो  से  ग़र   लिपटू  में  तो  जल  उठते  हैं  गलियारे  ll

आती   है   तब   धुएं  से   खुशबू   सोंधी  नैनीताल  में ll


खुली  - खुली बांहों का मौसम ऐसा आशिक लगता है ll

जैसे    बाहर   गांव    का   आया   पंक्षी  नैनीताल  में  ll


मुझको इसका हर घर  आँगन अपने  घर सा लगता है ll

तभी   तो  आकर    घोले  बादल  मस्ती  नैनीताल  में  ll

 विवेक 'बादल' बाज़पुरी

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परिचय

 विवेक बादल बाज़पुरी, शहर बाज़पुर जिला, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) के निवासी हैं। पेशे से इंजीनियर हैं लेकिन आपके ह्रदय में कविताएँ धड़कती हैं। आप हिंदी , अवध/ भोजपुरी एवं उर्दू आदि में साहित्य सृजन करते हैं। मूलतः गीत, ग़ज़ल , दोहे ,मुक्तक , कुण्डलियाँ ,घनाक्षरी ,कविता आदि विधाओं के साथ साथ सम सामयिक विषयों पर गद्य लेखन भी करते हैं। आपके साँझे काव्य संकलन-उत्कर्ष , उत्कर्ष की ओर,   मन की बात  , दोहावली , विहग के प्रीत, साहित्य दर्पण आदि प्रकाशित हो चुके हैं। एकल काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुआ है। आपकी रचनाएँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होने के साथ साथ रेडियो और टीवी चैनल पर प्रसारित भी होती रही हैं। आपको उज्जैन में विक्रम शिला विद्यापीठ द्वारा डॉक्टरेट  की मानद उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा अन्य मंचों से भी आप सम्मानित हो चुके हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
संपादक

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