लेखिका
संतान होती है सौभाग्य
भाग्य सौभाग्य से परे होती है संताने,
बेटा हो या बेटी जान होती है संताने।
तो भेद न डालें दोनों ही अनमोल है,
रिश्तों के तराजू में दोनों ही अनतोल है।
जितनी है ही बेटियाँ प्यारी
उतने ही होते बेटे दुलारे ।
दोनों में ही माता पिता के
बसते हैं सपने सारे ।
भाई बहन के लिए और
बहन भाई के लिए है जरूरी
दोनों में किसी एक को नीचा
दिखाने की है कौन सी मजबूरी
*मणिकर्णिका*
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