आरोपी का सत्र न्यायालय से भी जमानत आवेदन निरस्‍त 
शाजापुर,  एमपी मीडिया पाइंट 

 न्‍यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शाजापुर द्वारा भी आरोपी अलीखान पिता अनिस खान निवासी ग्राम सिन्दनी थाना टोंकखूर्द जिला देवास का जमानत आवेदन निरस्‍त किया गया।
जिला मीडिया प्रभारी सचिन रायकवार एडीपीओ शाजापुर ने बताया कि, आरोपी व उसके साथी को थाना मक्‍सी द्वारा चंदन की गीली लकडी के 7 गुटके सहित रेलवे फाटक मक्‍सी पर दिनांक 22 फरवरी 2015 को पकडा था। आरोपी के विरूद्ध न्‍यायालय जेएमएफसी शाजापुर में प्रकरण लंबित रहने के दौरान वह अनुपस्थित हुआ था।  आरोपी के विरूद्ध न्‍यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपी की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया गया , जिस पर अभियोजन की ओर से वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के माध्यम से उपस्थित निर्मल सिंह चौहान एजीपी शाजापुर के द्वारा आपत्ति की गई। प्रकरण 2015 से लंबित है।आरोपी को पूर्व में जमानत का लाभ दिया गया था जिसका आरोपी द्वारा दुरूपयोग किया गया। प्रकरण की परिस्थितियों में  न्‍यायालय द्वारा आरोपी का जमानत आवेदन निरस्‍त किया गया।
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अपील न्‍यायालय द्वारा आरोपीगण को 1000-1000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया।  

शाजापुर,  एमपी मीडिया पाइंट 

 जिला मीडिया प्रभारी  सचिन रायकवार एडीपीओ शाजापुर ने बताया कि, न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश  शुजालपुर जिला शाजापुर द्वारा आरोपीगण    
 1-हरिप्रसाद पिता लालजी उम्र 70 वर्ष 
2-मेहरबान पिता हरिप्रसाद उम्र 24 वर्ष 
निवासीगण बनाखेडी थाना शुजालपुर जिला शाजापुर को दिनांक 14 सितंबर 2020 को धारा 323/34 भादवि में दोषी पाते हुए 1000-1000 रूपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया और यह भी आदेशित किया गया कि, जुर्माने की रकम को जमा न करने की दशा मे उन्‍हैं एक-एक माह का सश्रम कारावास  भुगताया जावे।

संजय मोरे अति.डीपीओ शुजालपुर द्वारा प्रदत्‍त जानकारी अनुसार दिनांक 02 सितंबर 2011 को शाम 06:30 आहत फरियादी विनोद के साथ आरोपीगण ने मारपीट की थी जिससे फरियादी को सिर में, पीठ पर , बाये पैर की एडी के पास टकनी में चोटे आई थी। अपील न्‍यायालय द्वारा दिनांक 14 सितंबर 09 2020 को आरोपीगण को धारा 323/34 भादवि में दोषी पाते हुए 1000-1000 रूपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।

आपराधिक अपील में राज्‍य की ओर से संजय मोरे अपर लोक अभियोजक/अतिरिक्‍त डीपीओ शुजालपुर ने अंतिम तर्क किये ।
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