बुधनी, योगेश राजपूत
                            एमपी मीडिया पाइंट

सामूहिक भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय के आदेश पर आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो ने बुधनी जनपद पंचायत से संबंधित तीन आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है इनमें एक जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ भी शामिल हैंl 

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इटारसी गांव के सरपंच वीरेंद्र गोहिया, सचिव श्याम बाबू यादव ने जनपद के सरकारी खाते से 2340355 रुपए का आहरण बिना किसी प्रस्ताव व स्वीकृति के कर लिया था स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की शिकायत की जिस पर खंड पंचायत अधिकारी ने जांच भी की और पाया कि सरपंच व सचिव ने आपसी सांठगांठ कर मिलीभगत से उक्त राशि का आहरण किया है परंतु जनपद सीईओ को आरोपों से मुक्त रखा गया ।

एक बार फिर मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ को मिली उन्होंने 1 जून 2016 को सरपंच व सचिव के खिलाफ जनपद सीईओ को एफ.आई.आर. करने के आदेश दिए परंतु जनपद सीईओ ने एफ. आई आर. नहीं दर्ज करवाईl इसी दौरान बीच में तत्कालीन एसडीएम ने दोनों को आरोपी मानते हुए सरपंच सचिव से राशि वसूले जाने के आदेश पारित कर दिए अभियुक्तों ने 23 फरवरी 2018 को अपर कलेक्टर के यहां अपील की जिसे उन्होंने निरस्त कर दिया स्थानीय शिकायतकर्ता सिस्टम के आगे हार चुके थे तब आरटीआई एक्टिविस्ट भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा के संपर्क में आए मामले को लेकर  एक्टिविस्ट भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा ने 11 जून 2018 को ईओडब्ल्यू को  आवेदन दिया लेकिन एफ.आई.आर. नहीं दर्ज की जा सकी l

 इसके बाद उनकी तरफ से अधिवक्ता यावर खान ने मामले को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जिस पर न्यायालय ने30 सितंबर 2020 को ईओडब्ल्यू को मामले की जांच के आदेश दिए ईओडब्ल्यू ने जनपद सीईओ नवल किशोर मीणा, सरपंच वीरेंद्र गोहिया, सचिव श्याम बाबू यादव के विरुद्ध धारा420,409,120 बी भादवी 7 सी,13(1) एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1988 के तहत 31/19 पर अपराध कायम कर लिया हैl वहीं आरटीआई एक्टिविस्ट भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा को तलब किया हैl

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