शुभ मुहूर्त मे होली पूजा शुरु,
प्राचीनकाल की परंपरा रही कायम,

 बिना लकड़ी के होगा होलिका दहन


इछावर,  एमपी मीडिया पाइंट 

सूर्यास्त के बाद शुभ मुहूर्त आरंभ होते ही होली पूजा शुरु हो गई। वैसे तो इस समय महिलाओं का सभी मोहल्ले के होली स्थलों पर अच्छा खासा जमावड़ा है लेकिन इछावर मे प्राचीनकाल से ही शीज़गर मोहल्ला स्थित बड़ी होली पर लोगों की अगाध आस्था है। नगर के अनेक मोहल्लों से यहाँ पूजा के लिए महिलाएं पहुंच रही हैं। विधि-विधान से पूजा के पश्चात नगर पटेल मिश्रीलाल मुकाती देर रात होलिका दहन करेंगे।


नगर पटेल मिश्रीलाल मुकाती ने बताया की प्राचीनकाल के दौरान स्थानीय चम्पा वाले कुएं से तीन नारियल हवा मे उछाले गए थे उनमे से जो सबसे ज्यादा दूर जाकर जहां गिरा था आज वही स्थल बड़ी होली कहलाता है और इस पवित्र स्थल की विशेषता यह है कि यहां होलिका दहन के लिए कभी भी लकड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। 
सिर्फ दान किए कंडों से ही होलिका दहन कार्यक्रम संपन्न  होता है।

उक्त स्थल पर होलिका दहन सिर्फ कंडों से किया जाता है यहां लकड़ी का इस्तेमाल पूर्णतः वर्जित है। यह परंपरा प्राचीनकाल से ही चली आ रही है। 

             ब्रह्म मुहूर्त मे हुआ दहन

गुरुवार को परंपरानुसार सुबह ब्रह्म मुहूर्त मे पं लक्ष्मीनारायण शर्मा के सानिध्य मे पूजा-पाठ के पश्चात नगर पटेल मिश्रीलाल मुकाती द्वारा होलिका दहन किया गया।
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