ईश्वर के प्रति श्रद्धा-भक्ति ही कथा का सार,
लसूड़ियाकांगर मे श्रीमद्भागवत कथा का समापन



इछावर, एमपी मीडिया पाइंट  


तहसील के ग्राम लसूड़ियाकांगर मे 13 अप्रैल से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। कथा वाचिका मोनिका ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से सभी पापकर्म नष्ट हो जाते हैं इसके श्रवण मात्र से मनुष्य तो क्या पशु-पक्षी भी तर जाते हैं और जीवों का कल्याण हो जाता है।

साध्वी मोनिका ने कहा कि ईश्वर ने सिर्फ मनुष्यों को एक मौका मोक्ष प्राप्त करने के लिए दिया है उस मौके को जाया न करें और अपना अमूल्य समय ईश्वर की भक्ति और सदकर्मों मे लगाएं। परिवार के लालन-पालन के लिए पैसा भी कमाएं मगर ईमानदारी से। भूख मिटाने के लिए पैसा कमाए लेकिन ऐसा न हो कि पैसा ही भूख बन जाए और यदि ऐसा होता है तो मनुष्य,  मनुष्य नहीं रहता वह मनुष्यत्व खो देता है। आपको सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ इसका मतलब है कि आपने निश्चित ही कोई अच्छे कर्म कभी करे होंगे। सम्पूर्ण कथा श्रवण के बाद आपका नैतिक दायित्व बनता है कि स्वयं और अपने मित्रों व परिजनों को भी ईश्वर के भक्ति मार्ग से जोड़दें फिर देखें कि एक नए समाज का उदय हो जाएगा, संस्कारित बच्चे होंगे तथा अंत मे हमे प्रभू का सानिध्य प्राप्त हो जाएगा और हमारे जीव का विभिन्न योनियों भटकाव थम जाएगा। उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति श्रद्धा-भक्ति ही कथा का सार है।प्रवचन के अंतिम दिवस शुक्रवार को बड़ी संख्या मे ग्रामीण कथा सुनने पहुंचे।
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