गांवो में अब भी कायम है विविध भारती का जादू,
भाऊँखेड़ी के ज्यादातर घरों मे अब भी बजता रेडियो

राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी

इछावर तहसील के भाऊँखेड़ी गांव का नाम कभी प्रदेश मे रेडियो पर प्रसारित आकाशवाणी के विविध भारती कार्यक्रम की वजह से जाना जाता था क्योंकि विविध भारती के हर फरमाईशी गीतों के कार्यक्रम मे भाऊँखेड़ीे के कोई न कोई श्रोता का नाम अवश्य ही सुनने को मिल जाया करता था। बगीची पीरजी,झुमरी तलैया के सांथ भाऊँखेड़ी के विषय मे अक्सर ट्रेन या बस के सफर के दौरान यही सुनने को मिलता था कि यह गांव आखिर हैं कहां पर?

वर्तमान मे भले ही टीवी,मोबाइल पर लोग अपने गीत जब चाहें तब सुन रहे हों लेकिन रेडियो का क्रेज भाऊँखेड़ी मे अब भी बना हुआ है। वर्तमान मे यहां के कई घरों मे विविध भारती के हर कार्यक्रम बड़े चाव के सांथ सुने जा रहे हैं।

भले ही इस समय मनोरंजन एवं संगीत के अन्य साधन आ गए हो मगर गांवों में मनोरंजन का साधन वही पुराना रेडियो जिस पर मधुर संगीत विविध भारती बजता है उसे आज भी लोग बड़े चाव से सुनते देखे जा सकते हैं।
पहले गांव और शहरी क्षेत्रो में ज्यादा मनोरंजन के साधन उपलब्ध नहीं हुआ करते थे ऐसे में लोग रेडियो सुनकर अपना मनोरंजन किया करते थे ऐसे में कृषि जगत की समस्त जानकारी इंदौर के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारित हुआ करती थी तो वही मधुर सदाबहार गीतों के लिए लोग विविध भारती चैनल सुनना ज्यादा पसंद करते थे 1997 तक विविध भारती सुनने वाले श्रोताओ में भाऊँखेड़ी के श्रोताओं की संख्या अधिक हुआ करती थी।वक्त के सांथ आज सब बदल गया।अब लोग वही मनोरंजन व्हाट्सएप,फेसबुक पर करते हैं मगर देखा जाए तो आज भी ग्रामीण क्षेत्रो में रेडियो का चलन है और विविध भारती का सुरीला जादू लोगे के सिर चढ़कर आज भी बोल रहा है।
खेत-खलिहान हो,चौपाल हो,ट्रेक्टर हो,मकान या दुकान हो सभी जगह भाऊँखेड़ी मे एफएफ रेडियो की धाक कायम है।
अकेला भाऊँखेड़ी ही नहीं इछावर तहसील के कई गांवों मे रेडियो का जादू, अब भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
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