बच्चों को मिले स्वाभाविक विकास का अवसर
उन्मुक्त उड़ान, ऊँची उम्मीदें टाक शो में वक्ताओं ने रखे विचार
भोपाल, एमपी मीडिया पाइंट
बच्चों ,पर अपनी अपेक्षा ,उम्मीदें पूरी करने के लिए अभिभावक स्कूल की गर्मी की छुट्टियों में तमाम तरह की कोचिंग आदि के कोर्स का भार डाल कर वच्चों को व्यस्त करने से वेहतर है छुट्टियों का समय वच्चों को खुद से सोचने समझने के लिए दे। उनके स्वाभाविक विकास के अवसर को उन्हें दे। वच्चों को स्वाभाविक विकास ,खुद से सोचने समझने के स्थान पर अपनी अपेक्षाओं, महत्वाकांक्षाओं को लेकर शिक्षकों , स्कूल प्रबंधन,केरियर बनाने की सलाह देने बाले कोचिग लर्निंग संस्थाओं द्वारा खुद के द्वारा गड़े विकास के मानदंड ,लक्ष्य के बोझ को लगातार बारह महिनों खासकर समर वेकेशन में देते रहने की विकसित होती प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगाये ।
यह विचार आज भोजपुर क्लब अरेरा कालोनी में आयोजित उन्मुक्त उड़ान ऊँची उम्मीद विषय पर टाक शो में वक्ताओं ने व्यक्त किये। अनामिका कुमार , संगीता मिश्रा ,नीलम सक्सेना ,कविता पथ ,प्राची पाण्डे ,नीलम टीटू ,मीनाक्षी गोयल, नीरजा अरोरा ,सविता गुप्ता ने प्रमुखता से चर्चा में हिस्सा लिया ।
"उन्मुक्त उड़ान-ऊँची उम्मीद" विषय पर टाक शो का आयोजन इन्नोवेटिव क्रेजी लेडीज क्लब द्वारा किया गया । वच्चों ,महिलाओं के विकास और सामाजिक सरोकारों पर काम करने वाली क्रेजी इन्नोवेटिव लेडीज क्लब की अध्यक्ष और टाक शो आयोजन कोआर्डिनेटर श्रीमती अनामिका कुमार ने वताया टाक शो में विशेषज्ञ, बुद्दिजीवियों के अलावा पेरेंट्स ,शिक्षक और कोचिंग लर्निंग संस्थओं के संचालको ने भी भी हिस्सा लिया । अभियान की थीम पर चर्चा करते हुए श्रीमती कुमार ने वताया कि पेरेंट्स वच्चों को समर वेकेशन में लर्निंग के नाम पर उनके स्वाभाविक , खुद से सोच कर नया करने ,बोद्धिक विकास के अवसर को अनायास अवरुद्ध कर देते है । ऐसा पेरेंट्स अनजाने में , संस्थाओं के लाभ कमाने के जाल में फंसकर ,जानकारी के अभाव में करते है । पेरेंट्स को जागरूक करने की हमारी कोशिश है ।


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