इछावर अस्पताल मे मरीज ने नर्स को इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान मारा थप्पड़, परिजनों ने की अभद्रता,अस्पताल स्टाफ काम छोड़कर विरोध स्वरुप निकला अस्पताल के बाहर,पुलिस ने किया मरीज और अटेंडर के खिलाफ प्रकरण दर्ज
इछावर , एमपी मीडिया पाइंट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इछावर मे शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई जब एक महिला मरीज ने इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान नर्स को थप्पड़ मार दिया। यही नहीं मौके पर मौजूद पेशेंट के अटेंडर ने नर्स के सांथ अश्लील शब्दों का भी इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए विरोध स्वरुप अस्पताल कर्मचारी काम छोड़कर बाहर निकल आए। बीएमओ डा बीबी शर्मा की समझाईश के बाद कर्मचारी काम पर वापस लोटे। इछावर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया है।
जानकारी अनुसार शुक्रवार सुबह तकरीबन 9:30 बजे ग्राम सेमलीजदीद निवासी फुल बी नामक महिला पेशेंट को इलाज के लिए इछावर अस्पताल लाया गया। उसके सांथ अजीज खां आदि भी सांथ थे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात नर्स ने डा अमित तिवारी के निर्देशानुसार प्राथमिक उपचार आरंभ किया तभी फुल बी ने नर्स के गाल पर थप्पड़ मार दिया। वही मौजूद अजीज खां व अन्य लोगों ने अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया।
फुल बी को सीहोर रेफर किया गया और अस्पताल का समूचा स्टाफ विरोध स्वरुप बाहर निकल आया। समझाईशों के बाद कर्मचारी काम पर लोटे।
पीड़ित नर्स रानी की रिपोर्ट पर इछावर पुलिस ने आरोपी फुल बी, अजीज आदि पर धारा 323,294,34 के तहत मुकदमा कायम किया है।
गौरतलब है कि इछावर के सामुदायिक केन्द्र मे इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। डाक्टरों एंव पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों या उनके परिजनों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि अस्पताल मे स्टाफ की बेहद कमी है।
मीडिया ने तीन माह पहले इसी तरह के कांड घटित होने की आशंका जताई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के कानों मे जूं ना रैंगी और आज 26 जुलाई को फिर एक कर्तव्यनिष्ठ नर्स को अपमानित होना पड़ा।
अपमानित नर्स ने पूरी व्यथा रो-रोकर मीडिया और पुलिस को सुनाई। हालांकि पुलिस ने आरोपियों के इलाज मे कोई देर न की और न्यायसंगत कार्रवाई करते हुए तुरंत प्रकरण कायम किया लेकिन जिन नर्सों को समाज ने सिस्टर की संज्ञा दी उनका अपमान क्या घोर अपराध की श्रेणी मे नहीं आता!
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यह कहते हैं अधिकारी


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