सीहोर जिले की किस्मत मे इजाफा,
63 गांव होंगे लाभान्वित, कारण-ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निकलेगा,
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
भोपाल राजधानी के नजदीक बसे सीहोर जिले के 63 गांव खुशकिस्मत होने वाले हैं। यहां से भोपाल-इंदौर के बीच 116 किमी लंबा 6 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। यहां पर लोगों के रोजगार के लिए लघु उद्योग लगाए जाएंगे। यह गांव सीहोर, आष्टा, इछावर एवं जावर में आते हैं। एक्सप्रेस वे का निर्माण भारत माला परियोजना के फेस वन के तहत किया जा रहा है।
लोगों को रोजगार मिलेगा
सीहोर जिले से 92 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से सीहोर जिले के 63 गांव जुड़ेंगे। इसके निर्माण से जहां एक तरफ भोपाल-इंदौर की दूरी कम होगी वहीं सबसे बड़ा फायदा इसके दोनों तरफ की शासकीय जमीन को चिन्हित कर इस पर छोटे-छोटे उद्योग लगाए जाएंगे जिससे आसपास के गांवों के बरोजगारों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों ने लिया जायजा
बुधवार को पीएस पीडब्ल्यूडी मलय श्रीवास्तव, एमपीआरडीसी के एमडी सुदाम खाड़े, कलेक्टर अजय गुप्ता, एसडीएम इछावर आदित्य जैन और ब्रजेश सक्सेना सहित कई अधिकारी सीहोर और इछावर क्षेत्र में पहुंचे और उन्होंने उन जगहों को देखा जहां से यह एक्सप्रेस-वे निकल रहा है। इस दौरान नक्शे पर सभी चीजों को समझा और कहां पर क्या-क्या हो सकता है, इसके बारे में विचार विमर्श किया गया।
कहां क्या !!
जानकारी देते हुए इछावर एसडीएम आदित्य जैन ने बताया कि बुधवार को निरीक्षण किया गया।
एक्सप्रेस-वे की सीहोर विकासखंड में करीब 30 किमी लंबाई रहेगी। इसी तरह हम बात करें इछावर की तो यहां से यह 25 किमी लंबा रहेगा। इसी तरह आष्टा विकासखंड से 37 किमी लंबाई रहेगी।
इतनी जमीन का होगा अधिग्रहण
वन विभाग की 136 हेक्टेयर, शासकीय भूमि 35.16 हेक्टेयर, प्राइवेट जमीन 857 हेक्टेयर रहेगी। इस जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
कितने बनेंगे ब्रिज
इस एक्सप्रेस वे पर बड़े 10 पुल बनेंगे। माइनर ब्रिज 77, छोटे और हल्के पुलों की संख्या 116 रहेगी।
सीहोर के 13 गांव इससे जुड़ेंगे। यह एक्सप्रेस वे मंडीदीप के आगे समरधा गांव से शुरू होगा। यहां से यह सीहोर के बरखेड़ा बाज्यात, खुरानिया, भंडेली, गादिया, बिलकीसगंज, पाटनी, गेरुखान, भोजनगर, इमलीखेड़ा, सागोनी, शिकारपुर, काहिरी जदीद गांव से होता हुए सीधे इछावर पहुंच जाएगा।
इछावर के 14 गांव इससे जुड़ेंगे। इनमें ढाबला माता, खजूरिया घेंघी, मोगरा, गांव तालाब, इछावर कस्बा, सतपिपलिया, झालकी, हाल्याखेड़ी, अरोलिया, गउखेड़ी, रतनपुर, कल्याणपुरा धाकड़, बालापुरा आदि हैं।
यह एक्सप्रेस-वे आष्टा के 25 गांवों से होकर निकलेगा। इनमें बालाखेड़ा, शाहपुरा, मगरदा, नीलबड़, बांदरिया, डालिया, दीपलाखेड़ी, सोगाखेड़ी, देवनखेड़ी, मोरखेड़ी, कन्नौद मिर्जी, गुराड़िया सिराजूद्दीन, लसूडलिया विजय सिंह, बडोदिया गाडरी, नानकपुर, बामनखेड़ी, बमूलिया भाटी, गुराड़िया रूपचंद, बागेर, भंवरा, बड़झिरी, भंवरासा, खानदौरापुर, अरनिया दाउद, अरनिया राम, भूपोड़, बापचादोनिया आदि हैं।
जावर के भी 11 गांव इससे जुड़ेंगे। इनमें कोदकपुरा, झींगाखेड़ी खुर्द, नालीपुरा लाखिया, बरखेड़ी, सामरी, कातला आदि हैं।
यहां सबसे बड़ी बात यह है कि निर्मित होने वाला यह मार्ग अनुचित है नागरिक बताते हैं कि उक्त मार्ग सीध-सीधा निकाला जाना चहिये था। घुमावदार क्यों! कहां ढबलामाता और कहाँ झालकी इन दोनों गांवों की दिशाएं ही विपरीत हैं। शासन ने राजनीतिक इशारों पर मार्ग तय किया है जो सरासर गलत है। भोपाल-इंदौर की दूरियाँ घट सकती थीं यदि कायदे से सर्वे होता।
63 गांव होंगे लाभान्वित, कारण-ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निकलेगा,
नागरिकों का कहना है कि मार्ग सीधा-सीधा क्यों नहीं!
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
भोपाल राजधानी के नजदीक बसे सीहोर जिले के 63 गांव खुशकिस्मत होने वाले हैं। यहां से भोपाल-इंदौर के बीच 116 किमी लंबा 6 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। यहां पर लोगों के रोजगार के लिए लघु उद्योग लगाए जाएंगे। यह गांव सीहोर, आष्टा, इछावर एवं जावर में आते हैं। एक्सप्रेस वे का निर्माण भारत माला परियोजना के फेस वन के तहत किया जा रहा है।
लोगों को रोजगार मिलेगा
सीहोर जिले से 92 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से सीहोर जिले के 63 गांव जुड़ेंगे। इसके निर्माण से जहां एक तरफ भोपाल-इंदौर की दूरी कम होगी वहीं सबसे बड़ा फायदा इसके दोनों तरफ की शासकीय जमीन को चिन्हित कर इस पर छोटे-छोटे उद्योग लगाए जाएंगे जिससे आसपास के गांवों के बरोजगारों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों ने लिया जायजा
बुधवार को पीएस पीडब्ल्यूडी मलय श्रीवास्तव, एमपीआरडीसी के एमडी सुदाम खाड़े, कलेक्टर अजय गुप्ता, एसडीएम इछावर आदित्य जैन और ब्रजेश सक्सेना सहित कई अधिकारी सीहोर और इछावर क्षेत्र में पहुंचे और उन्होंने उन जगहों को देखा जहां से यह एक्सप्रेस-वे निकल रहा है। इस दौरान नक्शे पर सभी चीजों को समझा और कहां पर क्या-क्या हो सकता है, इसके बारे में विचार विमर्श किया गया।
कहां क्या !!
जानकारी देते हुए इछावर एसडीएम आदित्य जैन ने बताया कि बुधवार को निरीक्षण किया गया।
एक्सप्रेस-वे की सीहोर विकासखंड में करीब 30 किमी लंबाई रहेगी। इसी तरह हम बात करें इछावर की तो यहां से यह 25 किमी लंबा रहेगा। इसी तरह आष्टा विकासखंड से 37 किमी लंबाई रहेगी।
इतनी जमीन का होगा अधिग्रहण
वन विभाग की 136 हेक्टेयर, शासकीय भूमि 35.16 हेक्टेयर, प्राइवेट जमीन 857 हेक्टेयर रहेगी। इस जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
कितने बनेंगे ब्रिज
इस एक्सप्रेस वे पर बड़े 10 पुल बनेंगे। माइनर ब्रिज 77, छोटे और हल्के पुलों की संख्या 116 रहेगी।
सीहोर ब्लाक
सीहोर के 13 गांव इससे जुड़ेंगे। यह एक्सप्रेस वे मंडीदीप के आगे समरधा गांव से शुरू होगा। यहां से यह सीहोर के बरखेड़ा बाज्यात, खुरानिया, भंडेली, गादिया, बिलकीसगंज, पाटनी, गेरुखान, भोजनगर, इमलीखेड़ा, सागोनी, शिकारपुर, काहिरी जदीद गांव से होता हुए सीधे इछावर पहुंच जाएगा।
इछावर विकासखंड
इछावर के 14 गांव इससे जुड़ेंगे। इनमें ढाबला माता, खजूरिया घेंघी, मोगरा, गांव तालाब, इछावर कस्बा, सतपिपलिया, झालकी, हाल्याखेड़ी, अरोलिया, गउखेड़ी, रतनपुर, कल्याणपुरा धाकड़, बालापुरा आदि हैं।
आष्टा ब्लाक
यह एक्सप्रेस-वे आष्टा के 25 गांवों से होकर निकलेगा। इनमें बालाखेड़ा, शाहपुरा, मगरदा, नीलबड़, बांदरिया, डालिया, दीपलाखेड़ी, सोगाखेड़ी, देवनखेड़ी, मोरखेड़ी, कन्नौद मिर्जी, गुराड़िया सिराजूद्दीन, लसूडलिया विजय सिंह, बडोदिया गाडरी, नानकपुर, बामनखेड़ी, बमूलिया भाटी, गुराड़िया रूपचंद, बागेर, भंवरा, बड़झिरी, भंवरासा, खानदौरापुर, अरनिया दाउद, अरनिया राम, भूपोड़, बापचादोनिया आदि हैं।
जावर के 11 गांव
जावर के भी 11 गांव इससे जुड़ेंगे। इनमें कोदकपुरा, झींगाखेड़ी खुर्द, नालीपुरा लाखिया, बरखेड़ी, सामरी, कातला आदि हैं।
यहां सबसे बड़ी बात यह है कि निर्मित होने वाला यह मार्ग अनुचित है नागरिक बताते हैं कि उक्त मार्ग सीध-सीधा निकाला जाना चहिये था। घुमावदार क्यों! कहां ढबलामाता और कहाँ झालकी इन दोनों गांवों की दिशाएं ही विपरीत हैं। शासन ने राजनीतिक इशारों पर मार्ग तय किया है जो सरासर गलत है। भोपाल-इंदौर की दूरियाँ घट सकती थीं यदि कायदे से सर्वे होता।


Post A Comment: