पंचायत जीम गई रोड, अब भी परेशान हो रहे लोग,
ग्रामीणों ने कहा कायदे से जांच होना चाहिए,
दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का मे सरपंच सचिव की मनमानी से ग्रामीण परेशान है,वहीं पूरे गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।लोगों का कहना है,कि पंचायत साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रही। ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का ओडीएफ होने के बावजूद भी यहां के ग्रामीण खुले में शौच जा रहे हैं। निपानिया सिक्का के हालात यह हैं कि गांव के सभी मोहल्ले गंदगी से सने पड़े हैं ऐसे में ग्रामीणों को हमेशा ही बीमारियों का भय सताता रहता है।
ग्रामीण धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि मेरे घर के पीछे से रास्ता है जो की पानी की टंकी के पास से भूरी घाटी तक जाता है ओर वह सभी किसानों का रास्ता है लेकिन उसमें महिलाएं शौच के लिए आती-जाती है।
ग्रामीण धर्मेंद्र का कहना है कि इस विषय में मैं पंचायत सचिव,सरपंच सहित उच्चाधिकारी सभी को अवगत करा चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निपानिया सिक्का के ग्रामीणों का कहना है कि हमे इस बात का शक है कि पानी की टंकी से भूरीघाटी तक के सीसी रोड निर्माण की राशि सरपंच सचिवों द्वारा निकालकर हड़प ली गई है।
ग्रामीण बताते हैं कि कई शौचालय के पैसे पंचायत द्वारा निकाल लिए गए और हितग्राहियों को इस विषय में कुछ पता ही नहीं है उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीण धर्मेंद्र पटेल का कहना है कि यदि उच्चअधिकारी कायदे से जांच करें तो पंचायत द्वारा किए गए कार्यों की ऐसी पोल खुलेगी कि वह खुद चकित रह जाएंगे।
हमारी पंचायत में लाखों रुपए का घोटाला निकलेगा सरपंच सचिव रोजगार सहायक द्वारा जो किया गया है!
ग्राम निपानिया सिक्का जनपद पंचायत इछावर के अंतर्गत आती है। ग्रामीण समस्या लेकर कार्यालय पंचायत भवन जाते हैं तो भवन में ज्यादातर ताला लगा मिलता है।
बतादें कि उक्त रोड 8 अगस्त 2018 मे पंचायत राज संचालनाय द्वारा स्वीकृत की गई थी। जिसे महात्मा गांधी स्वराज एवं विकास योजना के तहत बनवाया गया था। रोड की लागत करीब 1लाख 80 हज़ार रुपये थी।
, चंदर के मकान से भूरी घाटी तक चार लाख के लगभग की लागत से बनेगा l
आपको सूचना सही नहीं दी गई है।
यह कहना है अरविंद कुमार वर्मा रोजगार सहायक,अतिरिक्त सचिव प्रभारी
ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का
ग्रामीणों ने कहा कायदे से जांच होना चाहिए,
दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का मे सरपंच सचिव की मनमानी से ग्रामीण परेशान है,वहीं पूरे गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।लोगों का कहना है,कि पंचायत साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रही। ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का ओडीएफ होने के बावजूद भी यहां के ग्रामीण खुले में शौच जा रहे हैं। निपानिया सिक्का के हालात यह हैं कि गांव के सभी मोहल्ले गंदगी से सने पड़े हैं ऐसे में ग्रामीणों को हमेशा ही बीमारियों का भय सताता रहता है।
ग्रामीण धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि मेरे घर के पीछे से रास्ता है जो की पानी की टंकी के पास से भूरी घाटी तक जाता है ओर वह सभी किसानों का रास्ता है लेकिन उसमें महिलाएं शौच के लिए आती-जाती है।
ग्रामीण धर्मेंद्र का कहना है कि इस विषय में मैं पंचायत सचिव,सरपंच सहित उच्चाधिकारी सभी को अवगत करा चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निपानिया सिक्का के ग्रामीणों का कहना है कि हमे इस बात का शक है कि पानी की टंकी से भूरीघाटी तक के सीसी रोड निर्माण की राशि सरपंच सचिवों द्वारा निकालकर हड़प ली गई है।
ग्रामीण बताते हैं कि कई शौचालय के पैसे पंचायत द्वारा निकाल लिए गए और हितग्राहियों को इस विषय में कुछ पता ही नहीं है उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीण धर्मेंद्र पटेल का कहना है कि यदि उच्चअधिकारी कायदे से जांच करें तो पंचायत द्वारा किए गए कार्यों की ऐसी पोल खुलेगी कि वह खुद चकित रह जाएंगे।
हमारी पंचायत में लाखों रुपए का घोटाला निकलेगा सरपंच सचिव रोजगार सहायक द्वारा जो किया गया है!
ग्राम निपानिया सिक्का जनपद पंचायत इछावर के अंतर्गत आती है। ग्रामीण समस्या लेकर कार्यालय पंचायत भवन जाते हैं तो भवन में ज्यादातर ताला लगा मिलता है।
बतादें कि उक्त रोड 8 अगस्त 2018 मे पंचायत राज संचालनाय द्वारा स्वीकृत की गई थी। जिसे महात्मा गांधी स्वराज एवं विकास योजना के तहत बनवाया गया था। रोड की लागत करीब 1लाख 80 हज़ार रुपये थी।
, चंदर के मकान से भूरी घाटी तक चार लाख के लगभग की लागत से बनेगा l
आपको सूचना सही नहीं दी गई है।
यह कहना है अरविंद कुमार वर्मा रोजगार सहायक,अतिरिक्त सचिव प्रभारी
ग्राम पंचायत निपानिया सिक्का


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