पैतृक कृषि भूमि को राजस्व रिकार्ड मे दर्ज बताया जा रहा शासकीय,
कम्प्यूटर आपरेटर और हल्का पटवारी की गलती को तीन वर्ष से भोग रहा किसान


इछावर, एमपी मीडिया पाइंट 

तहसील के ग्राम कल्याणपुरा मे राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण एक कृषक परिवार पिछले तीन वर्ष से परेशान है। मामला सिर्फ इतना है कि उसकी अच्छी-खासी पुश्तैनी जमीन को राजस्व रिकार्ड मे शासकीय दर्शा दिया गया।

सबसे बड़ी बात यह है कि कृषक हीरालाल आत्मज मोतीलाल,भागीरथ आत्मज रामलाल एवं खुशीलाल आत्मज रामलाल धाकड़ ने अपनी गुहार कई बार इछावर तहसील के उच्चाधिकारियों को लगाई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

यह है पूरा मामला

गत दिवस पीड़ित किसान परिवार ने कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया कि
हल्का पटवारी की लापरवाही के कारण दिनांक 
14/02/2017 क्या आदेश का पालन आज तक कंप्यूटर रिकार्ड में नहीं हुआ।
आवेदकगण की भूमि खसरा क्रमांक 278/2 रकबा 0.186 हेक्टेयर भूमि आवेदक गण की पैतृक भूमि है जो कि बिना किसी आधार के कंप्यूटर रिकॉर्ड में शासकीय कर दी गई है।
जिस के संबंध में रिकॉर्ड ध्वस्त का आवेदन पत्र आवेदकगण ने वर्ष 2016 में प्रस्तुत किया था, एवं नायब तहसीलदार इछावर के प्रकरण क्रमांक 89/अ- 6/16.17 मैं पारित आदेश दिनांक 14 /02/2017 के द्वारा अन्य खूबियों के साथ उक्त सर्वे नंबर 278/2 रकबा 0.186 हेक्टेयर आवेदक गण के नाम दर्ज किए जाने के आदेश पारित हो चुके हैं। जिस के परिपालन में उक्त सर्वे नंबर कंप्यूटर रिकॉर्ड में आज तक अलग नहीं कराया गया जिसके कारण आवेदक का खाते का बंटवारा नहीं हो पा रहा है साथ ही आवेदक गण किसान क्रेडिट कार्ड योजना एवं अन्य लोन माफी योजना का लाभ अभी नहीं ले पा रहे हैं जिसकी होने वाली क्षति का जिम्मेदार राजस्व विभाग है।
आवेदक गन की ओर से इस संबंध में तहसीलदार इछावर एवं अनुविभागीय अधिकारी इछावर एवं कलेक्टर सीहोर भू अधीक्षक साका को भी आवेदन पत्र पूर्व में दिया गया लेकिन आज तब भी राजस्व विभाग के चक्कर पर चक्कर लगाए जा रहे हैं इस संबंध में कलेक्टर सीहोर के निर्देश अनुसार पुराना समस्त अभिलेख वर्तमान तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी अंजू अरुण को भी दिया जा चुका था।
लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर एवं हल्का पटवारी की लापरवाही से हम आवेदक गण कि उक्त भूमि का कंप्यूटर अभिलेख में अमल नहीं हो पाया है। जबकि उक्त जिम्मेदार स्वयं राजस्व विभाग की है कि खातेदार की भूमि के हस्तलिखित रिकॉर्ड के विपरीत कंप्यूटर रिकॉर्ड में कोई त्रुटि होती है तो उसको स्वमेय ही राजस्व विभाग को सुधारना चाहिए मगर लापरवाह हल्का पटवारी के कारण हम आवेदकगण को 2016 से अपनी भूमि से वंचित रखा जा रहा है तथा अब कहां जा रहा है कि उक्त सर्वे नंबर कलेक्टर सीहोर की आईडी से दर्ज किया जाएगा जबकि आवेदक गणों एवं उनके पुत्र कांड वर्ष 2016 से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
अब आवेदकगणों का कहना है, कि इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करा कर हमारी भूमि का रिकॉर्ड सुधारा जाए।

यह कहना है अधिकारी का

मामला आपके द्वारा संज्ञान मे लाया गया, यदि राजस्व रिकार्ड मे त्रुटि है तो उसे सुधारा जाएगा।
                        आरएस मरावी
                      तहसीलदार,इछावर 
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