सोयाबीन फसल की घर मे आने की आखरी उम्मीद भी अब समाप्ति की ओर. .
खेतों मे अंकुरित होने लगी फसल,
90 दिन की फसल अबतक कटकर खलिहान आ जाती लेकिन अनवरत वर्षा ने खेतों मे ही लील लिया सोयाबीन फसल को,
किसानों के भाल पर उभरी चिंता की लकीरें
राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट
पूरे क्षेत्र में ही रही लगातार बारिश ने एक ओर जहाँ लोगो की जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया वहीं अब पकी पकाई सोयाबीन की फसल के घरों तक आने की उम्मीद भी अब किसान कहीं न कहीं खोता नजर आ रहा है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस समय सोयाबीन की फसल कटाई की ओर है और ऐसे में लगातार बारिश से खड़ी फसले अंकुरित हो रही है कई जगहों पर खेतो में भयंकर पानी भरा है।भाऊँखेड़ी के किसान बनवारी लाल वर्मा ने बताया कि इस समय अगर पकी हुई फसल को काटे तो किस तरह काटे क्योंकि जैसे-तैसे काट भी लो तो उसको लाने में बड़ी दिक्कते हैं क्योंकि खेतो में भरपूर पानी बह रहा है जिससे ट्रेक्टर ट्राली का पहुँचना भी संभव नही है।
दूसरी तरफ इधर पंजाब प्रांत से आये हारवेस्टर वाले पिछले आठ दिनों से भाऊँखेड़ी में डेरा डाले हुए थे कि पानी निकले ओर सोयाबीन कटाई कार्य चालू करें लेकिन उन्हें बिगड़ती फसल का नजारा देखा तो आज शनिवार को उन्होंने भी बारिश के हालात देख अपने बोरिया बिस्तर समेटते हुए रवानगी डाल ली। फिलहाल बारिश का दौर जारी है। किसानों की उम्मीद पर प्रतिदिन पानी फिर रहा है। अब किसानों की एकमात्र आस सरकार से है जो उन्हें शीघ्र-अतिशीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराए ताकि अगली रबी की फसल उनकी समय पर हाथ आ सके।



Post A Comment: