मनुष्य जिस कार्य के लिए जन्मा है उसे छोड़कर वो सब कर रहा है -  पंडित तिवारी, 


स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा मुहापुराण का पांचवा दिन 


सीहोर, 20 सितंबर 
एमपी मीडिया पाइंट 

 मनुष्य जिस कार्य के लिए जन्मा है उसे छोड़कर वो सब काम कर रहा है यह बात स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण के पांववें दिन पंडित शैलेष तिवारी ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं से कही। पंडित तिवारी ने स्वर्णकार समाज के श्रीराम मंदिर में आयोजित भागवत कथा महोत्सव के पांचवे दिन भगवान परशुराम जी द्वारा भगवान श्री कृष्ण को सुदर्शन चक्र सौंपे जाने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि आज का मनुष्य जीवन व्यर्थ चीजों में बरबाद कर रहा है उसका जन्म जिस नाम स्मरण के लिए हुआ वो भूल कर सारे काम कर रहा है   लोग उस कार्य को कर रहे जिससे उसका किसी भी प्रकार उत्थान संभव नहीं है यदि मनुष्य सुबह शाम समय निकालकर नियमित रुप से नाम सिमरन करने लग जाए तो उसकी हर प्रकार की प्रगति आसान हो सकती है जिस दिन मनुष्य अपने आप को समय देने लगेगा वो स्वयं ही जान जाएगा कि उसे आज सबसे अधिक किस बात की जरुरत है। उन्होंने कहा कि अतीत से लिपट कर जीवन जीने वाले सदा परेशान रहते है पीछे की तरफ देखना ठीक बात नहीं है आगे देख कर जीने वाला व्यक्ति की सदा सुखी जीवन जीता है, उन्होंने कहा कि माँ का इस जीवन में कोई पयार्य नहीं है माँ जब अपने बच्चे को दुग्धपान कराती है तो बच्चे का पैर माँ पर लगातार चलता है इसलिए कहा गया है कि लात खाकर भोजन कराने की शक्ति केवल माँ के अलावा दुनिया में किसी के भी पास नहीं है, उन्होंने कहा कि माँ याद है माँ हिचकी है अनुष्ठान है, साधना है यही वो वजह है कि माँ की जगह सबसे ऊपर है, पंडित शैलेश तिवारी ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि ज्ञान भी भक्ति से पराजित हो जाता है इसलिए सदा भक्ति में लीन रहने का अभ्यास मनुष्य को करना चाहिए। कथा के पांचवे दिन आज त्यागी बाबा महंत उद्धव दास जी, पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अमीता अरोरा, वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा, समाज सेवी अरुणा सुदेश राय, भाजपा नेता प्रिंस राठौर, हिन्दू उत्सव समिति के विवेक राठौर आदि ने कथा स्थल पर पहुंच कर भागवत पूजन करते हुए पंडित शैलेष तिवारी का स्वागत किया।
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